ब बहरीन पर ईरान का बड़ा हमला, डिफेंस सिस्टम ने हवा में गिराए कई ड्रोन और मिसाइल

Aanya2 September 20263 min read25 viewsBahrain
ब बहरीन पर ईरान का बड़ा हमला, डिफेंस सिस्टम ने हवा में गिराए कई ड्रोन और मिसाइल

खाड़ी देशों में एक बार फिर तनाव काफी बढ़ गया है जब बुधवार, 2 सितंबर 2026 को ईरान की तरफ से फिर से मिसाइल और ड्रोन दागे गए। बहरीन सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे एक सुनियोजित खतरनाक तरीका बताया है। Bahrain Defence Force General Command ने साफ किया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते आसमान में ही कई खतरनाक एरियल टारगेट को रोककर नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने आम नागरिकों और वहां रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, ताकि किसी भी मलबे से बचा जा सके और किसी भी संदिग्ध चीज की तुरंत सूचना दी जा सके। बहरीन में इस समय सैन्य इकाइयां पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

ईरान ने ली हमले की जिम्मेदारी

दूसरी तरफ, ईरान की सेना ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' का 30वां चरण बताया है। ईरानी सेना का कहना है कि उन्होंने अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें बहरीन के Sheikh Isa Air Base पर मौजूद रडार इंस्टॉलेशन और सैनिकों के ठिकाने शामिल हैं। ये सभी हमले 1 सितंबर 2026 को यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद हुए हैं। ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमेटी के चेयरमैन Ebrahim Azizi ने कसम खाई है कि आम ईरानी नागरिकों पर अमेरिकी कार्रवाई का बदला लिया जाएगा। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि वे कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाते हैं।

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खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता और तीखी प्रतिक्रिया

ईरान की इन हरकतों से केवल बहरीन ही नहीं, बल्कि कुवैत, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE जैसे देश भी प्रभावित हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में विरोध की लहर दौड़ गई है। UAE Ministry of Foreign Affairs ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताया है, जिसकी जानकारी UAE विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दी गई है। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इन बयानों का समर्थन किया और चेतावनी दी कि इस तरह की तनातनी से कूटनीतिक प्रयास कमजोर होते हैं। कतर ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान को इन हमलों के परिणामों की पूरी कानूनी जिम्मेदारी उठानी होगी, जिसका जिक्र Qatar News Agency (QNA) में किया गया है।

इसके अलावा, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव Jassim Al-Budaiwi और अरब इंटीरियर मिनिस्टर्स काउंसिल ने भी इन सभी हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और UN Security Council Resolution 2817 का सीधा उल्लंघन है, जैसा कि WAM अमीरात न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया है। इन लगातार हमलों के कारण बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और आम नागरिकों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के लोग नौकरी और कारोबार के सिलसिले में रहते हैं। स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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