Bahrain: पाकिस्तान और सऊदी अरब में मस्जिदों पर हुए हमलों की बहरीन ने की कड़ी निंदा.

Nura Basta18 September 20262 min read26 viewsBahrain
Bahrain: पाकिस्तान और सऊदी अरब में मस्जिदों पर हुए हमलों की बहरीन ने की कड़ी निंदा.

बहरीन की सरकार ने हाल ही में पाकिस्तान और सऊदी अरब में पवित्र स्थलों और आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए आतंकवादी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने 18 सितंबर 2026 को उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की एक मस्जिद में हुए आतंकवादी हमले पर अपना आधिकारिक विरोध जताया, जिसमें कई बेकसूर लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि वह सभी तरह की हिंसा, उग्रवाद और आतंकवाद को खारिज करता है, खासकर उन हमलों को जो इबादतगाहों और आम लोगों पर किए जाते हैं। इस दुखद समय में बहरीन प्रशासन ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

मक्का की ग्रैंड मस्जिद पर ड्रोन हमले की कोशिश पर फूटा गुस्सा

इसके अलावा, बहरीन ने 15 से 17 सितंबर 2026 के बीच कई बयान जारी करके सऊदी अरब के मक्का शहर स्थित पवित्र Grand Mosque पर ईरान समर्थित हूती मिलिशिया द्वारा किए गए असफल ड्रोन हमले की भी कड़ी आलोचना की है। बहरीन के अधिकारियों ने इस कायराना हरकत को अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के नियमों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमलों से ग्रैंड मस्जिद की पवित्रता को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है। मंत्रालय ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा बहरीन की अपनी राष्ट्रीय स्थिरता का एक अहम हिस्सा है। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत सऊदी अरब द्वारा उठाए गए रक्षात्मक कदमों का पूरा समर्थन किया है।

इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए Saudi Press Agency (SPA) और Qatar News Agency (QNA) की रिपोर्ट्स के अनुसार, बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) से अपील की है कि वह अपनी जिम्मेदारियों को समझे और इन लगातार हो रहे हूती हमलों के खिलाफ एक सख्त रुख अपनाए। प्रशासन ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने और UN Security Council Resolution 2817 (2026) को सख्ती से लागू करने की मांग की है। अधिकारियों ने याद दिलाया कि साल 2017 के बाद मक्का को निशाना बनाने की यह दूसरी ऐसी कोशिश थी, जिसे नाकाम कर दिया गया। भारत और अन्य देशों से गल्फ क्षेत्र में यात्रा करने वाले या वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

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