बहरीन में ई-स्कूटर और साइकिल चालकों पर ट्रैफिक पुलिस की पैनी नजर, शुरू हुआ बड़ा अभियान

Mohd. Irfan9 October 20262 min read0 viewsBahrain
बहरीन में ई-स्कूटर और साइकिल चालकों पर ट्रैफिक पुलिस की पैनी नजर, शुरू हुआ बड़ा अभियान

अगर आप बहरीन की सड़कों पर ई-स्कूटर या साइकिल का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने घोषणा की है कि जनरल डायरेक्टरेट ऑफ ट्रैफिक ने क्षेत्रीय पुलिस के साथ मिलकर ई-स्कूटर और साइकिलों से होने वाले नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए एक गहन फील्ड एनफोर्समेंट कैंपेन शुरू कर दिया है। यह अभियान मुख्य रूप से मनामा, जुफेयर, सीफ, रिफ्फा और ईसा टाउन जैसे व्यस्त इलाकों में चलाया जा रहा है, जहां डिलीवरी कर्मियों और प्रवासी श्रमिकों की संख्या अधिक रहती है।

दरअसल, ई-स्कूटर और साइकिलों के लिए नियम मई 2026 में ट्रैफिक प्रस्ताव संख्या 58/2026 के तहत बनाए गए थे, लेकिन अब पुलिस ने इन्हें सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर होने वाली खतरनाक ड्राइविंग को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

इन नियमों का पालन न करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

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पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ई-स्कूटर और साइकिल चलाने वालों को कुछ अनिवार्य दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। सबसे पहले, राइडर्स के लिए हेलमेट और अंगों की सुरक्षा के लिए उचित गियर पहनना अनिवार्य है। रफ्तार की बात करें तो अधिकतम गति सीमा 25 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ई-स्कूटर केवल निर्धारित आंतरिक सड़कों पर ही चलाए जा सकते हैं; इन्हें हाईवे, वाहनों की लेन, फुटपाथ और शोल्डर्स पर चलाने की सख्त मनाही है।

इसके अलावा, ट्रैफिक के विपरीत दिशा में गाड़ी चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और ई-स्कूटर पर केवल एक व्यक्ति ही सवार हो सकता है, किसी भी यात्री को ले जाना गैरकानूनी है। बच्चों के मामले में नियम और भी सख्त हैं; 7 साल से कम उम्र के बच्चे केवल माता-पिता की सीधी निगरानी में ही ई-स्कूटर चला सकते हैं, जबकि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ई-बाइक का उपयोग प्रतिबंधित है।

ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई राइडर पुलिस के रुकने के संकेत का पालन नहीं करता या नियमों को तोड़ता है, तो उसे भारी जुर्माने और जेल का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उल्लंघन करने वाले वाहन को 60 दिनों तक जब्त किया जा सकता है। नाबालिगों को वाहन सौंपना भी एक अपराध माना जाएगा, जिसके लिए माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

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