Bahrain में ई-बाइक्स और ई-स्कूटर के लिए कड़े नियम लागू, 25 की स्पीड और हेलमेट हुआ जरूरी.

बहरीन में रहने वाले लोगों और वहां सफर करने वाले प्रवासियों के लिए सड़क सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। बहरीन के Ministry of Interior और General Directorate of Traffic ने इलेक्ट्रिक साइकिल और इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने वालों के लिए बेहद कड़े नियम लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का मकसद सड़कों पर होने वाले हादसों को रोकना और लोगों की जान की हिफाजत करना है। जो लोग इन नियमों को नहीं मानेंगे, उन्हें भारी जुर्माना और जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।
नया कानून और स्पीड की लिमिट
अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि Decision No. 58 of 2026 के तहत ये सभी नए निर्देश जारी किए गए हैं। इस कानून को इस साल मई महीने में आधिकारिक गजट में छापा गया था और इसके बाद 6 और 7 सितंबर 2026 को अधिकारियों ने इसकी दोबारा कड़ी समीक्षा की ताकि लोग इसे ठीक से समझ सकें। नए नियमों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रिक साइकिल या ई-स्कूटर को 25 km/h से ज्यादा तेज रफ्तार में नहीं चला सकता है। इसके अलावा इन गाड़ियों को केवल अंदरूनी रास्तों और तय की गई जगहों पर ही चलाया जा सकता है।
कहाँ चलाना मना है और उम्र की पाबंदी
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन वाहनों को हाईवे, बड़ी सड़कों, गाड़ियों के चलने वाले लेन, सड़क के किनारे, इमरजेंसी लेन और ऐसी किसी भी जगह पर चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है जहाँ की स्पीड लिमिट 50 km/h से ज्यादा हो। उम्र को लेकर भी नियम बहुत सख्त बनाए गए हैं। 16 साल से कम उम्र का कोई भी बच्चा इलेक्ट्रिक साइकिल नहीं चला सकता है। वहीं ई-स्कूटर के मामले में 7 साल से छोटे बच्चे तभी सवारी कर सकते हैं जब उनके साथ उनके माता-पिता या कोई अभिभावक मौजूद हो। अगर कोई बच्चा बिना देखरेख के इसे चलाता पकड़ा जाता है, तो इसके जिम्मेदार सीधे उसके माता-पिता होंगे। इसे ऐसे समझा जा सकता है जैसे बिना लाइसेंस वाले ड्राइवर को गाड़ी चलाने की अनुमति देना हो।
सुरक्षा के लिए क्या पहनना जरूरी है
नियमों के मुताबिक ई-बाइक चलाने वाले हर शख्स के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा ई-स्कूटर चलाने वालों को हेलमेट के साथ-साथ अपने कंधों, हाथों और पैरों की सुरक्षा के लिए भी प्रोटेक्टिव गियर पहनने होंगे। गाड़ी चलाते वक्त किसी भी दूसरे यात्री को पीछे बैठाना, ट्रैफिक के आने जाने की दिशा के खिलाफ गाड़ी चलाना और दूसरों की जान को खतरे में डालने वाले तरीके से गाड़ी चलाना पूरी तरह मना है। चालकों की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों को पहले रास्ता दें और जहाँ ट्रैफिक साइन न हों, वहाँ बहुत सावधानी से वाहन चलाएं।
नियम तोड़ने पर मिलने वाली सजा
अगर कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त ट्रैफिक कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी वित्तीय जुर्माना, जेल की सजा और वाहन को 60 दिन यानी दो महीने के लिए जब्त किया जाना शामिल है। ये सभी सजाएं सिर्फ गाड़ी चलाने वाले पर ही नहीं, बल्कि वाहन के मालिक और उन माता-पिता पर भी लागू होंगी जो अपने बच्चों को गैरकानूनी तरीके से इसे चलाने की छूट देते हैं। मंत्रालय के अधिकारियों ने यह भी बताया है कि देश में यातायात सुरक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे और सड़कों पर निगरानी भी रखी जाएगी।