बहरीन में प्रवासी कामगारों को 90 दिन तक अस्थायी काम की इजाज़त वाली नियम को हरी झंडी. देना होगा मात्र 5 दीनार.

बहरीन: बहरीन में प्रवासी कामगार अब अपना मौजूदा वर्क परमिट बदले बिना अधिकतम 90 दिनों के लिए किसी दूसरे नियोक्ता के लिए काम कर सकेंगे। लेबर मार्केट रेगुलेटरी अथॉरिटी (LMRA) ने इसके लिए नए नियम जारी किए हैं, जो प्रवासी कर्मचारियों के लिए अस्थायी रोज़गार का नया रास्ता खोलते हैं।
यह नया नियम रेज़ोल्यूशन नंबर 2 of 2026 के तहत लागू किया गया है। इसे 22 सितंबर 2026 को जारी किया गया था, जबकि LMRA ने इसकी घोषणा 28 सितंबर 2026 को की।
किन शर्तों पर मिलेगी इजाज़त
इस व्यवस्था का फायदा उठाने के लिए कई शर्तों को पूरा करना होगा:
- कर्मचारी की लिखित सहमति ज़रूरी है।
- मूल नियोक्ता और नए नियोक्ता, दोनों की सहमति चाहिए।
- कर्मचारी के पास वैध वर्क परमिट होना चाहिए।
- LMRA से औपचारिक मंज़ूरी लेनी होगी।
आवेदन LMRA के Expat Management System (EMS) के ज़रिए जमा करने होंगे। इस प्रक्रिया के लिए 5 बहरीनी दीनार (BHD) का प्रशासनिक शुल्क देना होगा। इसके अलावा, अगर नया नियोक्ता तय बहरीनाइज़ेशन दर को पूरा नहीं करता, तो अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।
दोनों नियोक्ताओं की ज़िम्मेदारी
नियमों के मुताबिक, 90 दिनों की इस अवधि के दौरान मूल और नए, दोनों नियोक्ता कर्मचारी के अधिकारों के लिए संयुक्त रूप से ज़िम्मेदार होंगे। वहीं, घरेलू कामगारों को इस अस्थायी व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इस नीति का मकसद कंपनियों की अल्पकालिक स्टाफ़िंग ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करना है। साथ ही इससे प्रवासी कामगारों को अलग-अलग क्षेत्रों में काम का अनुभव हासिल करने का मौका भी मिलेगा।
इस फैसले को बहरीन में रह रहे भारतीय मज़दूरों सहित पूरे प्रवासी कार्यबल के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।