बहरीन में एक नवंबर से प्रवासियों का इलाज निजी अस्पतालों में होगा और अनिवार्य हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम लागू की जाएगी

मनामा: बहरीन में रहने वाले प्रवासी निवासी अब सरकारी अस्पताल के बजाय निजी स्वास्थ्य केंद्रों से इलाज कराएंगे। एक नवंबर से लागू होने वाली नई अनिवार्य स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अब प्रवासियों को सलमानिया मेडिकल कॉम्प्लेक्स के बजाय प्राइवेट प्रोवाइडर्स के पास जाना होगा।
सरकारी अस्पतालों के ऑपरेशंस निदेशालय की डायरेक्टर डॉ. नूर दैफ ने कैपिटल ट्रस्टीज बोर्ड को इस बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में भीड़ को कम करना है ताकि बहरीन के नागरिकों के लिए बेड खाली रह सकें।
डॉ. दैफ के मुताबिक, इस बदलाव से सलमानिया मेडिकल कॉम्प्लेक्स में प्रसव (मैटरनिटी) के मामलों में 30 से 40 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है। इसमें वे गैर-बहरीन मरीज भी शामिल हैं जो सऊदी अरब से इलाज के लिए आते हैं।
इस नई व्यवस्था से स्पेशलिस्ट वार्डों में जगह बनेगी, जिससे प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटरों से रेफर किए गए गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। हालांकि, डॉ. दैफ ने साफ किया कि अस्पताल में भारी निवेश किया गया है, इसलिए इसे बंद करने या कहीं और शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं है।
SEHATI नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस फ्रेमवर्क के तहत अब नए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र बनाने की योजना पर रोक लगा दी गई है। अधिकारी अगले एक साल तक मरीजों के निजी केंद्रों में जाने की प्रक्रिया पर नजर रखेंगे, जिसके बाद बुनियादी ढांचे की जरूरतों का आकलन किया जाएगा।
वर्तमान में बहरीन में प्राथमिक उपचार के लिए 28 स्वास्थ्य केंद्र और उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए सरकारी अस्पतालों द्वारा प्रबंधित आठ सुविधाएं काम कर रही हैं। अब नियोक्ताओं के लिए अपने कर्मचारियों का बीमा कराना अनिवार्य होगा और ऐसा न करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
भारतीय, पाकिस्तानी और फिलिपीनो समुदायों सहित कई प्रवासी परिवार अब तक सस्ते इलाज के लिए सलमानिया अस्पताल पर निर्भर थे, लेकिन अब उन्हें अपने बीमा पैकेज के अनुसार निजी केंद्रों का उपयोग करना होगा। शुरुआती चरण में घरेलू कामगारों के लिए अलग व्यवस्थाएं की जा सकती हैं।