Bahrain ने नेपाल में आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन पर जताया गहरा दुख, पीड़ितों के लिए भेजी संवेदना.

बहरीन की सरकार ने नेपाल में हाल ही में आए विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की घटना के बाद वहां के लोगों के साथ गहरी एकजुटता दिखाई है। 26 अगस्त 2026 को शुरू हुई इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बड़ी त्रासदी पर अपना दुख व्यक्त किया। बहरीन सरकार ने इस मुश्किल समय में नेपाल की सरकार और वहां के आम नागरिकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।
बहरीन ने पीड़ितों और परिवारों के प्रति जताई सहानुभूति
बहरीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में विशेष रूप से उन परिवारों के प्रति संवेदना दी गई जिन्होंने इस आपदा में अपने अपनों को खो दिया है। इसके साथ ही बहरीन प्रशासन ने इस भयानक हादसे में घायल हुए लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। सरकार ने उन लोगों के सुरक्षित घर लौटने की भी उम्मीद जताई है जो इस आपदा के बाद से लापता बताए जा रहे हैं।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। 27 अगस्त 2026 तक मिले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों की कुल संख्या 359 तक पहुंच गई है, जबकि 667 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल के राजदूत Tirtha Raj Wagle ने बहरीन की सरकार और वहां के लोगों का इस मुश्किल वक्त में नेपाल का साथ देने के लिए आभार व्यक्त किया है।
नेपाल में बड़े पैमाने पर नुकसान और राहत कार्य
नेपाल के राजदूत ने जानकारी दी कि भोटेकोशी नदी में आई भयंकर बाढ़ ने रसुवा जिले के साथ-साथ नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा जिलों में भारी जान-माल का नुकसान किया है। आपको बता दें कि इस समय बहरीन में करीब 30,000 नेपाली नागरिक रहते हैं, जिसके कारण बहरीन में रहने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच इस घटना को लेकर काफी चिंता का माहौल है।
नेपाल सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए खोज, बचाव और राहत कार्यों को बहुत तेज कर दिया है। प्रशासन ने तुरंत सहायता और लंबे समय तक चलने वाले पुनर्वास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री प्राकृतिक आपदा राहत कोष और प्रधानमंत्री राहत कोष की स्थापना की है। इसके अलावा अधिकारियों ने एक नया वेब पोर्टल भी शुरू किया है, जिसके जरिए विदेशी नागरिक, अंतरराष्ट्रीय संगठन और विदेशों में रह रहे नेपाली प्रवासी सीधे तौर पर सरकारी खातों में दान दे सकते हैं। दूसरी ओर, नेपाल और चीन ने क्षेत्रीय झीलों में पानी जमा होने के कारण भविष्य में नई बाढ़ आने की चेतावनी भी जारी की है।