बहरीन और फ्रांस ने रक्षा और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए हाथ मिलाया और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया

मनामा: बहरीन और फ्रांस ने अपनी पुरानी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की 19 से 21 अक्टूबर 2026 तक मनामा की आधिकारिक यात्रा के दौरान उठाया गया।
यात्रा के दौरान 20 अक्टूबर को राष्ट्रपति मैक्रॉन ने किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा के साथ औपचारिक बातचीत की। इस मुलाकात के मौके पर बहरीन के विदेश मंत्रालय और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस नए समझौते का मकसद बहरीन के नागरिक परमाणु कार्यक्रम के लिए जरूरी कौशल, ज्ञान और तकनीकी क्षमताएं विकसित करना है। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण पहल शुरू की जाएंगी।
यह सहयोग उसी दिशा में एक कदम है जो 6 फरवरी 2026 को किंग हमद की फ्रांस यात्रा के दौरान शुरू हुआ था। उस समय एक बुनियादी रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख नासिर बिन हमद अल खलीफा और फ्रांस की रक्षा मंत्री एलिस रूफो ने हस्ताक्षर किए थे।
फरवरी के उस समझौते में तीन मुख्य बातों पर जोर दिया गया था, जिनमें रणनीतिक जानकारी और प्रशिक्षण का आदान-प्रदान, औद्योगिक रक्षा सहयोग और भू-राजनीतिक एकजुटता शामिल है। किंग हमद ने इस डील को सुरक्षा, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में जुड़ाव बढ़ाने वाला एक मील का पत्थर बताया था।
अक्टूबर शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने निवेश, आर्थिक विकास, राजनीतिक मामलों और सतत विकास में सहयोग के रास्तों पर चर्चा की। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में किंग हमद ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ाने की बहरीन की प्रतिबद्धता जताई।
राष्ट्रपति मैक्रॉन ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए फ्रांस की प्रतिबद्धता दोहराई और सैन्य उद्योग व रक्षा क्षमताओं में सहयोग बढ़ाने की बात कही। दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी बातचीत की।