Bahrain में बड़ा बदलाव, गोल्डन रेजिडेंसी वालों के लिए वर्क परमिट रिन्यूअल हुआ इंस्टेंट और डिजिटल.

ब बहरीन में काम करने वाले और वहां गोल्डन रेजिडेंसी रखने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। लेबर मार्केट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी LMRA ने गोल्डन रेजिडेंसी धारकों के वर्क परमिट रिन्यूअल की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया है। अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और ऑटोमैटिक कर दिया गया है ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पहले इस काम में पूरे 10 दिन तक का समय लग जाता था लेकिन अब यह काम तुरंत और रियल-टाइम में पूरा हो जाएगा। इस नए बदलाव से वहां रहने वाले और काम करने वाले प्रवासियों को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है।
कैसे काम करेगा नया डिजिटल सिस्टम
लेबर मार्केट रेगुलेटरी अथॉरिटी के इस नए नियम के तहत अब नियोक्ता यानी एम्प्लॉयर अपने कर्मचारियों का वर्क परमिट ऑनलाइन ही रिन्यू कर सकते हैं। यह प्रक्रिया मौजूदा परमिट के खत्म होने से पहले ही पूरी की जा सकती है। इसमें कंपनी या मालिक के पास 6 महीने, 1 साल या फिर 2 साल के टर्म के लिए वर्क परमिट चुनने का विकल्प होगा। इस पूरी सर्विस को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें लगने वाले जरूरी कागजातों यानी डॉक्यूमेंट्स की संख्या को सीधे 50 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। इसके अलावा अप्रूवल की प्रक्रिया में भी 25 प्रतिशत की कटौती की गई है जिससे अब यह काम बहुत ही कम समय में हो जाता है।
गोल्डन रेजिडेंसी और वर्क परमिट से जुड़े जरूरी नियम
अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि यह पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक और मानकीकृत कर दी गई है। हालांकि, प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल गोल्डन रेजिडेंसी पास होने मात्र से ही किसी को सक्रिय और एम्प्लॉयर से जुड़े वर्क परमिट की जरूरत से छूट नहीं मिल जाती है। जो लोग बहरीन में काम कर रहे हैं, उनके पास एक्टिव वर्क परमिट होना जरूरी है। एम्प्लॉयर को सलाह दी गई है कि वे LMRA सिस्टम के भीतर ही अपनी ट्रांजैक्शन फीस की जांच कर लें क्योंकि इस अपडेट के साथ कोई भी नया फीस स्ट्रक्चर घोषित नहीं किया गया है।
कौन लोग ले सकते हैं बहरीन की गोल्डन रेजिडेंसी
बहरीन की यह गोल्डन रेजिडेंसी प्रोग्राम मुख्य रूप से प्रोफेशनल्स, प्रॉपर्टी मालिकों, रिटायर्ड लोगों और प्रतिभाशाली व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है। प्रोफेशनल्स के पास बहरीन में कम से कम 5 साल का काम करने का अनुभव होना चाहिए और उनकी औसत मासिक बेसिक सैलरी BHD 2,000 से ज्यादा होनी चाहिए। इसके साथ ही सोशल इंश्योरेंस ऑर्गेनाइजेशन के साथ उनका लगातार इंश्योरेंस रिकॉर्ड होना भी जरूरी है। वहीं, प्रॉपर्टी मालिकों के पास कम से कम BHD 130,000 मूल्य की व्यक्तिगत या संयुक्त संपत्ति होनी चाहिए। बहरीन में रहने वाले रिटायर्ड लोगों को 15 साल की सेवा और कम से कम BHD 2,000 की पेंशन दिखानी होगी, जबकि गैर-निवास रिटायर्ड लोगों के लिए पेंशन का यह आंकड़ा BHD 4,000 या उससे अधिक होना चाहिए। इसके अलावा आंत्रप्रेन्योर, रिसर्चर, वैज्ञानिक, कलाकार, इनोवेटर और एथलीट भी विशेष समीक्षा के बाद इसके दायरे में आते हैं।
भारतीय प्रवासियों के लिए क्या है स्थिति
बहरीन में भारतीय समुदाय की स्थिति बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण है। भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार, बहरीन में लगभग 3.5 मिलियन यानी 35 लाख भारतीय रहते हैं जो वहां का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय बनाते हैं। इनमें से कई लोग कंस्ट्रक्शन, कॉन्ट्रैक्टिंग और मेंटेनेंस के कामों से जुड़े हैं, तो वहीं एक बड़ी संख्या में डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर, अकाउंटेंट और मैनेजर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि, यह नया और तेज रिन्यूअल नियम केवल गोल्डन रेजिडेंसी धारकों के लिए ही सीमित किया गया है। यह सभी भारतीय कामगारों या सामान्य रेजिडेंस और वर्क परमिट धारकों के लिए कोई एक समान नियम नहीं है, इसलिए सभी को अपने वीजा और परमिट की श्रेणियों को ध्यान में रखकर ही काम करना चाहिए।