Bahrain: दो साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भारतीय मां और दो बच्चे लौटे अपने वतन, जानिए पूरी कहानी

बरीन में पिछले दो साल से कागजी कार्रवाई और कानूनी पचड़े में फंसी एक भारतीय महिला आखिरकार अपने दो बच्चों के साथ सुरक्षित अपने घर वापस लौट आई है। इस भारतीय परिवार के लिए यह सफर किसी बुरे सपने जैसा था, जो अब खत्म हो चुका है। Arunima Baby Karimbadam Kuniyil नाम की इस मां और उनके दोनों बच्चों Griva Mariyam तथा Zyan Muhammad ने 17 सितंबर 2026 को बहरीन से कोच्चि के लिए उड़ान भरी और अपने देश वापस पहुंच गए। बहरीन में जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और वीजा जैसी जरूरी औपचारिकताओं के कारण यह परिवार बुरी तरह फंस गया था और चाहकर भी अपने वतन नहीं लौट पा रहा था।
प्रवासी लीगल सेल और भारतीय दूतावास की मदद आई काम
इस मुश्किल समय में परिवार ने इस साल मार्च के महीने में Pravasi Legal Cell (PLC) Bahrain Chapter से मदद मांगी थी। इस संस्था के अध्यक्ष Sudheer Thirunilath और महासचिव Dr. Rithin Raj ने इस मामले में परिवार की बहुत सहायता की। इसके अलावा पैनल के वकील Adv. Tariq Alown ने अदालत में इस केस की पैरवी की। अदालत के एक सकारात्मक फैसले के बाद ही परिवार के लिए जरूरी दस्तावेजों का रास्ता साफ हो सका। परिवार को इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान बहरीन में कई तरह की आर्थिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ा, जिन्हें सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों की मदद से सुलझाया गया।
अस्पताल के बिल में मिली भारी छूट और मकान मालिक का साथ
कानूनी लड़ाई के साथ-साथ परिवार पर पैसों का भारी कर्ज भी हो गया था। उन्हें Shifa Al Jazeera Medical Centre को कुल 597 बहरीनार दीनार (BD) चुकाने थे। हालांकि, अस्पताल के मैनेजमेंट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बिल में 70 प्रतिशत की बड़ी छूट दे दी, जिसके बाद केवल लगभग 180 BD की राशि ही चुकानी बाकी रह गई। इन पैसों का भुगतान करने के बाद ही परिवार को शिफा अल जजीरा मेडिकल सेंटर और Salmaniya Hospital से जन्म प्रमाण पत्र मिल पाए, जो इमिग्रेशन और पासपोर्ट के काम के लिए बेहद जरूरी थे। इसके अलावा, परिवार के मकान मालिक ने भी इंसानियत दिखाते हुए बिना किराया लिए पूरे 10 महीनों तक उन्हें अपने यहां रहने की अनुमति दी, जिससे उनकाि रहना आसान हो गया।
भारतीय दूतावास के नए नियम और जरूरी दस्तावेज
बहरीन स्थित भारतीय दूतावास के नियमों के मुताबिक, बच्चे के जन्म के बाद उसकी राष्ट्रीयता प्रमाणित कराने के लिए एक साल के भीतर जन्म का पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन, बहरीन स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा प्रमाणित मूल जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, माता-पिता के पासपोर्ट, वैध वीजा, विवाह प्रमाण पत्र और बच्चे के नाम से जुड़ा शपथ पत्र देना होता है। यदि माता-पिता में से कोई विदेशी नागरिक है, तो नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC भी जरूरी होता है। यदि पंजीकरण कराने में एक साल से ज्यादा की देरी हो जाती है, तो दूतावास में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर लिखित कारण बताना पड़ता है। नवजात शिशु का पहला भारतीय पासपोर्ट 5 साल के लिए वैध होता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए बहरीन स्थित भारतीय दूतावास का 24 घंटे चालू रहने वाला नंबर +973 39418071 और कम्युनिटी वेलफेयर लाइन नंबर +973 17180529 है। इसके अलावा, सनाबिस के बहरीन मॉल में स्थित Indian Consular Application Centre (ICAC) शनिवार से गुरुवार तक सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है, जिसका संपर्क नंबर +973 66633311 है।