Bahrain और Kuwait में ड्रोन हमले के बाद एयर डिफेंस एक्टिव, अमेरिका ने जारी किया बड़ा अलर्ट.

खाड़ी देशों में सुरक्षा हालात अचानक से काफी गंभीर हो गए हैं जब 1 सितंबर 2026 को बहरीन और कुवैत में आसमान में खतरे की आशंका के बाद एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने इस दौरान नागरिकों और वहां रहने वाले सभी प्रवासियों के लिए एक जरूरी पब्लिक सेफ्टी अलर्ट जारी किया जिसमें सभी को शांत रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई। इस घटना ने खाड़ी में काम कर रहे लाखों भारतीय प्रवासियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि लगातार बदलते हालात से वहां की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो सकती है।
क्षेत्रीय तनाव और अमेरिकी दूतावास का कड़ा निर्देश
अलजज़ीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार बहरीन में सुरक्षा अलर्ट के बाद हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ईरान की मीडिया एजेंसी फार्स न्यूज के मुताबिक ईरानी सेना ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाते हुए ड्रोन से हमले किए। इन हमलों और बढ़ते तनाव को देखते हुए यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने पूरे मिडिल ईस्ट में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए एक अहम सुरक्षा एडवाइजरी जारी की। इस चेतावनी में साफ कहा गया कि आने वाले दिनों में उड़ानों के रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में भारी रुकावट आने की आशंका है जिससे भारत आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कुवैत में भी एक्टिव हुआ एयर डिफेंस सिस्टम
बहरीन के साथ-साथ पड़ोसी देश कुवैत में भी हालात तनावपूर्ण बने रहे जहाँ कुवैत की आर्मी जनरल स्टाफ ने इस बात की पुष्टि की कि देश के नेशनल एयर डिफेंस सिस्टम को दुश्मन देशों के ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए तुरंत एक्टिव कर दिया गया। ये सभी घटनाएं अमेरिका में चल रही एक खास बैठक के दौरान सामने आईं जहाँ यूएस हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी की सब-कमेटी ने हूती आतंकवाद का मुकाबला करने के मुद्दे पर चर्चा की। इस दौरान मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट की एसोसिएट फेलो नदवा अल-दावसारी ने गवाही देते हुए बताया कि हूती सेना को मिल रही आधुनिक ड्रोन और मिसाइल तकनीक से लाल सागर में शिपिंग का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है और उन्होंने इस क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने के लिए एक लंबी रणनीति बनाने की मांग की।