Bahrain में लेबर कानून तोड़ने पर बड़ी कार्रवाई, अगस्त महीने में 543 प्रवासी डिपोर्ट

Nura Basta13 September 20263 min read35 viewsBahrain
Bahrain में लेबर कानून तोड़ने पर बड़ी कार्रवाई, अगस्त महीने में 543 प्रवासी डिपोर्ट

बरीन में लेबर और रेजिडेंसी कानूनों को सख्ती से लागू करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अगस्त 2026 के दौरान श्रम बाजार नियामक प्राधिकरण यानी LMRA ने देश भर में कुल 3,152 निरीक्षण अभियान और दौरे किए। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से काम कर रहे प्रवासियों और नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर लगाम कसना था, ताकि श्रम बाजार में पूरी तरह से पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों को रोका जा सके।

अवैध कामगारों पर शिकंजा और डिपोर्टेशन

इन सघन निरीक्षण अभियानों के परिणामस्वरूप कुल 77 अनियमित कामगारों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 543 प्रवासियों को देश से डिपोर्ट यानी निष्कासित कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई के तहत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की कुल 2,973 बार जांच की गई और विभिन्न गवर्नरेट में कुल 179 संयुक्त अभियान चलाए गए। इन संयुक्त छापों में कैपिटल गवर्नरेट में 93, मुहर्रक में 27, उत्तरी गवर्नरेट में 27 और दक्षिणी गवर्नरेट में 32 जगहें शामिल थीं।

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कई सरकारी विभागों ने मिलकर की कार्रवाई

इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए कई सरकारी एजेंसियों ने आपसी तालमेल के साथ काम किया। इन विभागों में राष्ट्रीयता, पासपोर्ट और निवास मामलों का विभाग यानी NPRA, पुलिस निदेशालय, अपराध पहचान और फोरेंसिक विज्ञान विभाग, सिविल डिफेंस और विभिन्न मंत्रालय शामिल थे। इन सभी विभागों की संयुक्त टीम ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि बहरीन में कोई भी व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के काम न कर सके और स्थानीय कानूनों का सख्ती से पालन किया जाए।

भारतीय प्रवासियों के लिए जरूरी नियम

प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 तक बहरीन में कुल 315,427 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जो वहां का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। इस कुल आबादी में से लगभग दो-तिहाई लोग कुशल या अर्ध-कुशल मजदूर हैं। इनमें से करीब 200,000 लोग केरल से, 50,000 तमिलनाडु से, 40,000 आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से, और 25,000 कर्नाटक से ताल्लुक रखते हैं, जबकि बाकी अन्य भारतीय राज्यों से हैं। हालांकि प्रशासन ने डिपोर्ट किए गए लोगों की राष्ट्रीयता का विशेष रूप से खुलासा नहीं किया है, लेकिन बड़ी संख्या में भारतीयों के वहां रहने के कारण नियमों का पालन करना हर भारतीय नागरिक के लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

प्रवासी मजदूरों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

LMRA ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि प्रत्येक प्रवासी कामगार के पास वैध वर्क परमिट होना चाहिए। कामगारों को केवल उसी नियोक्ता और अधिकृत नौकरी के लिए काम करना चाहिए जो उनके परमिट में साफ-साफ लिखा गया है। विजिट वीजा या फैमिली वीजा पर आने वाले लोगों के लिए रोजगार करना पूरी तरह से अवैध है और अधिकारियों ने अनौपचारिक व्यवस्थाओं से बचने की सख्त सलाह दी है। इसके अलावा, इस बात पर भी जोर दिया गया है कि रिक्रूटमेंट और परमिट फीस चुकाना पूरी तरह से नियोक्ता की जिम्मेदारी है। किसी भी कामगार के लिए परमिट के पैसे खुद देना सख्त मना है। कामगारों को यह भी देखना चाहिए कि उनका कार्यस्थल और काम उनके परमिट के विवरण से मेल खाता हो।

शिकायत और मदद के लिए नंबर

यदि किसी भी कामगार को श्रम नियमों से जुड़ी कोई शिकायत दर्ज करानी है, तो वह LMRA के कॉल सेंटर नंबर 17506055 पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा कामगारों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के लिए 24/7 बहुभाषी हेल्पलाइन नंबर 995 भी उपलब्ध है। बहरीन में रहने वाले जिन भारतीय नागरिकों को श्रम विवाद, वेतन से जुड़ी समस्या या किसी भी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है, वे बहरीन स्थित भारतीय दूतावास से फोन नंबर +973 17180529 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति के लिए दूतावास की 24/7 इमरजेंसी लाइन +973 39418071 पर भी तुरंत संपर्क किया जा सकता है।

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