Bahrain में सोशल मीडिया पर इस्लामिक प्रतीकों का अपमान करना पड़ा भारी, अदालत ने सुनाई 1 साल की जेल की सजा.

बरीन की एक अदालत ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले पोस्ट शेयर करने पर एक व्यक्ति को 1 साल की जेल की सजा सुनाई है। इस मामले की जानकारी बहरीन के Public Prosecution ने 9 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर साझा की है। अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है ताकि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करना पड़ा महंगा
इस पूरे मामले की शुरुआत Cybercrime Directorate of the General Directorate of Anti-Corruption and Economic and Electronic Security की एक रिपोर्ट के बाद हुई थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो या संदेश पोस्ट किए थे जिनमें इस्लाम धर्म से जुड़े सम्मानित प्रतीकों और हस्तियों का अपमान किया गया था। ये पोस्ट सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो गए थे, जिसके बाद साइबर क्राइम विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस शख्स की पहचान की और उसे पकड़ लिया।
कानून और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे
बरीन के अभियोजन पक्ष ने यह स्पष्ट किया है कि देश का संविधान नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति कानून के खिलाफ जाकर काम करे। किसी भी धर्म के खिलाफ गलत बोलना, धार्मिक प्रतीकों का अपमान करना या समाज में नफरत और sectarian strife फैलाना कानूनन अपराध माना जाता है। इस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई Penal Code (Decree Law No. 15 of 1976) और Cybercrime Law (Law No. 60 of 2014) के तहत की गई है। इन दोनों कानूनों में साफ तौर पर लिखा है कि इस्लाम, कुरान, पैगंबर मोहम्मद साहब या किसी भी धार्मिक रीति-रिवाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आप इस बारे में अधिक जानकारी Public Prosecution Official Website पर जाकर देख सकते हैं।
सजा को और सख्त करने के लिए संसद में नए प्रस्ताव
इस घटना के बाद बहरीन की संसद में भी हलचल तेज हो गई है। संसद सदस्यों, जिनकी अगुवाई सांसद Mohammed Al Bulooshi कर रहे हैं, ने Penal Code के Article 310 bis (One) में बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। इस नए बिल का मुख्य उद्देश्य पैगंबर मोहम्मद साहब, उनके परिवार, उनकी पत्नियों और उनके साथियों का अपमान करने वालों के खिलाफ सजा को और ज्यादा कड़ा करना है। यदि यह नया कानून पास हो जाता है, तो पहली बार ऐसा अपराध करने वाले को 5 साल तक की जेल और BD20,000 तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति इस तरह की गलती दोबारा करता है, तो उसे 10 साल तक की कैद और BD40,000 का जुर्माना भुगतना होगा। बहरीन सरकार और प्रशासन सोशल मीडिया पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाली ऐसी हरकतों को लेकर बहुत ज्यादा गंभीर हैं।