बहरीन में 31 अक्टूबर से प्रवासियों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य बीमा लागू होगा और उन्हें अब निजी अस्पतालों में कराना होगा इलाज

मनामा: बहरीन सरकार 31 अक्टूबर 2026 से निवासियों के लिए अनिवार्य नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। इस नई नीति के तहत अब प्रवासियों को नियमित इलाज के लिए सरकारी सलमानिया मेडिकल कॉम्प्लेक्स के बजाय निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के पास जाना होगा।
गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स के ऑपरेशंस निदेशालय की डायरेक्टर डॉ नूर दईफ ने कैपिटल ट्रस्टीज बोर्ड को इस बदलाव की जानकारी दी। कैबिनेट के फैसले के बाद उठाए गए इस कदम का मकसद सलमानिया मेडिकल कॉम्प्लेक्स में भीड़ कम करना और बेड की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि वहां मुख्य रूप से बहरीन के नागरिकों का इलाज हो सके।
अधिकारियों का अनुमान है कि इस बदलाव से सरकारी अस्पताल में जन्म दर में 30 से 40 प्रतिशत की कमी आएगी। अब गैर-बहरीन निवासी और सऊदी अरब से आने वाले मरीज निजी क्षेत्र की ओर रुख करेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल डॉक्टर शेख मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम काउंसिल ऑफ हेल्थ ने बताया कि इसकी सभी तकनीकी और संगठनात्मक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस अनिवार्य बीमा पैकेज में प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ आपातकालीन और दुर्घटना देखभाल शामिल है। लाभार्थियों और नियोक्ताओं के पास अपनी जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त पैकेज चुनने का विकल्प भी होगा। हालांकि, इस शुरुआती चरण में घरेलू कामगारों और सरकारी संस्थाओं में काम करने वाले निवासियों और उनके आश्रितों को शामिल नहीं किया गया है।
बीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कवरेज को रेजिडेंस और वर्क परमिट के नवीनीकरण और जारी करने से जोड़ा जाएगा। बहरीन के नागरिकों के लिए मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा और उन्हें सरकारी सुविधाओं में मुफ्त या रियायती इलाज मिलता रहेगा।
प्रशासन ने नए सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों की योजना फिलहाल रोक दी है ताकि प्रोग्राम शुरू होने के बाद मरीजों के आने-जाने के पैटर्न का अध्ययन किया जा सके। सलमानिया मेडिकल कॉम्प्लेक्स चालू रहेगा, लेकिन अब इसका ध्यान प्राथमिक केंद्रों से रेफर किए गए विशेष उपचार पर होगा।
प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे इलाज में किसी भी बाधा से बचने के लिए अपने नियोक्ताओं के साथ समन्वय कर बीमा कवर सुनिश्चित करें। उम्मीद है कि इस फैसले के बाद अमेरिकन मिशन हॉस्पिटल और बहरीन स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल जैसे निजी केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ेगी।