Bahrain में पेट्रोल के दाम बढ़े, सितंबर 2026 से लागू नई कीमतों से भारतीय प्रवासियों पर पड़ेगा असर.

Sushma Kumari2 September 20262 min read29 viewsBahrain
Bahrain में पेट्रोल के दाम बढ़े, सितंबर 2026 से लागू नई कीमतों से भारतीय प्रवासियों पर पड़ेगा असर.

बरीन में रहने वाले वाहन चालकों के लिए सितंबर का महीना अपने साथ महंगाई का झटका लेकर आया है। Bahrain Fuel Pricing and Monitoring Committee के फैसले के बाद 2 सितंबर 2026 से देश में पेट्रोल की नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। इस बदलाव के बाद से राज्य में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है क्योंकि रोजाना सफर करने वाले लोगों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि वैश्विक बाजार की स्थिति और घरेलू आर्थिक हालात को देखते हुए ही इन दरों में फेरबदल किया गया है।

पेट्रोल के किन ग्रेड्स में हुआ बदलाव

अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस बार जय्यद 91 और सुपर 98 पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि मुमताज 95 और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे पुरानी दरों पर ही मिलते रहेंगे। नई दरों के तहत जय्यद 91 अब 0.225 बहरीनी दीनार प्रति लीटर की दर से मिल रहा है, जिसमें अगस्त के मुकाबले 3 फिल्स की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सुपर 98 के दाम में सबसे ज्यादा 18 फिल्स का उछाल आया है और अब यह 0.380 दीनार प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि पहले यह 0.362 दीनार था। इसके अलावा मुमताज 95 का भाव 0.247 दीनार प्रति लीटर और डीजल का भाव 0.229 दीनार प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। साथ ही स्थानीय मछुआरों के लिए डीजल पर मिलने वाली सब्सिडी पहले की तरह ही जारी रहेगी।

भारतीय प्रवासियों पर असर और जरूरी निर्देश

बरीन में करीब 3.5 लाख भारतीय रहते हैं जो वहां का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय हैं। इनमें से बहुत से लोग कंस्ट्रक्शन, मेंटेनेंस, रिटेल, बैंकिंग और प्रोफेशनल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। मनामा, मुहर्रक, रिफ़ा, ईसा टाउन और सिथरा जैसे इलाकों में रहने वाले ये भारतीय अपनी रोजमर्रा की यात्रा के लिए अक्सर निजी गाड़ियों या टैक्सियों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि अभी डीजल से चलने वाले कमर्शियल वाहनों के दाम नहीं बढ़े हैं, लेकिन पेट्रोल के महंगे होने से आने वाले समय में सड़क मार्ग से जुड़े कामों के खर्च पर असर पड़ सकता है। स्थानीय अधिकारियों ने सभी ड्राइवरों को सलाह दी है कि वे अपनी गाड़ी बनाने वाली कंपनी यानी मैनुफैक्चरर द्वारा बताए गए ऑक्टेन ग्रेड का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा दूर-दराज के इलाकों में सफर करने वाले लोगों से कहा गया है कि वे अपने ईंधन के रसीदों पर नजर रखें और उसी हिसाब से अपने महीने का बजट तैयार करें ताकि किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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