बहरीन शुरा काउंसिल ने लाइसेंस को रेजिडेंसी परमिट से जोड़ने का प्रस्ताव ठुकराया
बहरीन शुरा काउंसिल ने ड्राइविंग लाइसेंस और रेजिडेंसी परमिट को जोड़ने का प्रस्ताव खारिज किया। सऊदी अरब ने भी विजिट वीजा नियमों में ढील दी है।

मनामा: बहरीन में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। बहरीन की शुरा काउंसिल ने उस विधायी प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस को रेजिडेंसी परमिट से जोड़ने की बात कही गई थी।
2 नवंबर 2026 को लिए गए इस फैसले के बाद अब विदेशी निवासियों को बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण और उससे जुड़ी अतिरिक्त फीस नहीं भरनी होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रवासियों पर प्रशासनिक बोझ को कम करना है।
इसी बीच, सऊदी अरब ने भी अपनी वीजा नीति में बदलाव किया है। सऊदी पर्यटन प्राधिकरण ने 3 नवंबर 2026 को घोषणा की कि अब जीसीसी (GCC) देशों में रहने वाले प्रवासी निवासी अपने पेशे की परवाह किए बिना विजिट वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस नए अपडेट से क्षेत्र में रहने वाले बड़ी संख्या में प्रवासियों के लिए पर्यटन और धार्मिक यात्राओं जैसी छोटी अवधि की यात्राएं आसान हो जाएंगी। इन फैसलों का सीधा लाभ भारतीय प्रवासियों सहित लाखों लोगों को मिलेगा, जिससे उनकी आवाजाही आसान होगी और खर्च कम होगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के व्यावहारिक सुधारों से खाड़ी देशों में कुशल श्रमिकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह कदम क्षेत्र के अन्य प्रतिबंधात्मक नियमों के मुकाबले एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।