बहरैन ने सऊदी अरब के साथ जताई एकजुटता, सुरक्षा और संप्रभुता पर दिया जोर

बहरीन ने एक बार फिर सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता जाहिर की है। बहरीन का मानना है कि सऊदी अरब की स्थिरता न केवल उसके लिए जरूरी है, बल्कि यह बहरीन की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और पूरे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के स्थायित्व का एक अभिन्न हिस्सा है। यह बयान उस समय आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
दरअसल, 6 और 7 अक्टूबर 2026 को हुथी मिलिशिया ने अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर हमले किए थे। इन हमलों में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन और अपराध करार दिया है।
बहरीन के आंतरिक मंत्री जनरल शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा ने स्पष्ट किया कि उनका देश रियाद के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अपनी सीमाओं, नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाएगा, बहरीन उसका पूरा समर्थन करेगा। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए सऊदी अरब के आत्मरक्षा के स्वाभाविक अधिकार का समर्थन किया है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इन शत्रुताओं को रोकने और समुद्री सुरक्षा व ऊर्जा आपूर्ति की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने की अपील की गई है।
सुरक्षा के साथ आर्थिक रिश्तों को भी मिलेगी मजबूती
सुरक्षा चिंताओं के बीच दोनों देशों ने अपने आर्थिक रिश्तों को और गहरा करने पर भी जोर दिया है। 7 और 8 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के ऊर्जा, उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने मनामा में बहरीन के उद्योग और वाणिज्य मंत्री अब्दुल्ला बिन आदेल फखरो के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच औद्योगिक संबंधों को मजबूत करना और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाना था।
बहरीन के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा ने दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक और गहरे संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वे बहु-क्षेत्रीय विकास के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा, बहरीन ने यमन में वैधता के समर्थन के लिए अरब गठबंधन को अपना समर्थन दिया और GCC तथा पाकिस्तान के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) में तेजी लाने की अपनी इच्छा जताई है।