बहरीन में पर्यटन को रफ्तार देने की तैयारी, डिजिटल इनोवेशन और सऊदी अरब के साथ साझेदारी पर जोर

बहरीन अपने पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहा है। किंगडम की आर्थिक रिकवरी योजना के तहत, बहरीन ने 2022-2026 की पर्यटन क्षेत्र रणनीति तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य साल 2026 तक देश की जीडीपी (GDP) में पर्यटन के योगदान को बढ़ाकर 11.4% तक ले जाना है। सरकार का लक्ष्य है कि इस चार साल के चक्र के अंत तक सालाना 1.41 करोड़ पर्यटक बहरीन आएं और पर्यटकों के रुकने की औसत अवधि बढ़कर 3.5 दिन हो जाए।
पर्यटन मंत्री और बहरीन पर्यटन एवं प्रदर्शनी प्राधिकरण (BTEA) की अध्यक्ष फातिमा अल साइराफी ने इस बात पर जोर दिया है कि पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने और पहुंच को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। साथ ही, वैश्विक स्थिरता लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए, स्थानीय पर्यटन व्यवसायों को संसाधन प्रबंधन के लिए नए और इनोवेटिव समाधान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
क्षेत्रीय साझेदारी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
बहरीन केवल अपने दम पर नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग के जरिए भी आगे बढ़ रहा है। मई 2026 में बहरीन और सऊदी अरब के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य दोनों देशों को एक एकीकृत क्षेत्रीय और वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में पेश करना है। इसके अलावा, GCC देशों के पर्यटकों को लुभाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं, जिनमें संगीत कार्यक्रम, उत्सव और पारिवारिक यात्रा पैकेज शामिल हैं।
इस विकास को गति देने के लिए बहरीन में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- सखीर में बहरीन इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर।
- अल दाना थिएटर।
- बहरीन बे और कलाली कोस्ट पर कई वाटरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स।
गौरतलब है कि 2024 में बहरीन ने शानदार प्रदर्शन किया, जहाँ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या 1.5 करोड़ से अधिक रही। भविष्य की राह आसान बनाने के लिए मंत्री अल साइराफी ने GCC देशों के बीच 'शेंगेन-स्टाइल' वीजा लागू करने की वकालत की है, ताकि पर्यटक बिना किसी रुकावट के एक देश से दूसरे देश जा सकें।
हालांकि, इन विकास कार्यों के बीच सुरक्षा चुनौतियां भी सामने हैं। अमेरिका और कनाडा की सरकारों ने क्षेत्रीय अस्थिरता, आतंकवाद के जोखिम और ड्रोन या मिसाइल हमलों की आशंका के चलते अपने नागरिकों को बहरीन की यात्रा पर पुनर्विचार करने या गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है।