बहरीन ने रूस से ईरान पर दबाव बनाने की मांग की ताकि वह संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2817 का पूरी तरह पालन करे

मनामा: बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुलातीफ अल ज़यानी ने रूस से अपील की है कि वह ईरान के साथ अपने राजनयिक संबंधों का इस्तेमाल करे। उन्होंने कहा कि रूस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि तेहरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पूरी तरह से पालन करे।
यह मामला 18 अक्टूबर 2026 को मनामा में आयोजित खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और रूस के बीच रणनीतिक संवाद की नौवीं संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान उठा। बैठक में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी शामिल थे। अल ज़यानी ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से जुड़ी किसी भी भविष्य की बातचीत में जीसीसी देशों को शामिल किया जाना जरूरी है।
बता दें कि 11 मार्च 2026 को अपनाए गए प्रस्ताव 2817 में जीसीसी देशों और जॉर्डन पर ईरानी हमलों की निंदा की गई है। इसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा के महत्व को भी दोहराया गया है। इस बैठक का आयोजन 168वीं जीसीसी मंत्रिस्तरीय परिषद की बैठक के साथ किया गया, जिसकी अध्यक्षता अल ज़यानी ने की थी।
क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब 18 अक्टूबर को महरदाद अखलाघी को ईरान का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू न करने की गारंटी मांगी है, वहीं रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि परमाणु समझौता न होने पर तेहरान पर सैन्य हमले हो सकते हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने कहा है कि अगर ईरान के अधिकारों का सम्मान किया जाता है, तो वह कूटनीति के लिए तैयार है। इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड की रिपोर्ट के मुताबिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर हमलों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे समुद्री सुरक्षा की चिंताएं बढ़ गई हैं।