यमन के अदन एयरपोर्ट और कोस्ट गार्ड ठिकानों पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले, हूती समूह पर लगा आरोप
यमन के अदन शहर में एयरपोर्ट और कोस्ट गार्ड ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले हुए हैं, जिसके लिए हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया गया है।

अदन (यमन): यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में 24 अक्टूबर 2026 को चार जोरदार धमाके हुए। ये धमाके अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और खोरमकसर जिले में स्थित सैन्य ठिकानों के पास हुए हैं। यमन के सूचना मंत्रालय ने बताया कि एयरपोर्ट और अल-तवाही जिले के बंदरगाह को निशाना बनाकर फिर से बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए गए हैं।
गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि दो बैलिस्टिक मिसाइलें परिसर के भीतर कोस्ट गार्ड मुख्यालय से टकराईं। वहीं एक तीसरी मिसाइल अल-तवाही में कोस्ट गार्ड की एक इमारत पर गिरी। अधिकारियों ने बताया कि इन खास हमलों में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यमनी अधिकारियों ने इन हमलों के लिए हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया है।
दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने अल-नसर कैंप में एक सैन्य जमावड़े और एक नौसेना बेस को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने दावा किया कि इस जमावड़े की निगरानी ब्रिगेडियर जनरल बद्र सलाह अल-हरबी के नेतृत्व में सऊदी अधिकारी कर रहे थे। हालांकि, हूती बयान में एयरपोर्ट पर हुए हमलों का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
हूती समूह ने इन हमलों को जवाबी कार्रवाई बताया है। उनका आरोप है कि रियाद ने सना और होदेइदा में हवाई हमले किए थे, जिनमें महिलाओं और एक बच्चे समेत 16 लोग मारे गए थे। होदेइदा के एक घर में पांच लोगों की मौत हुई थी।
अदन में हिंसा की यह घटनाएं लगातार जारी हैं। 21 अक्टूबर को हूतियों ने एयरपोर्ट के पास बद्र सैन्य बेस में सऊदी सैन्य ऑपरेशंस रूम पर मिसाइल हमले का दावा किया था। इसी महीने की शुरुआत में अल-माशिक प्रेसिडेंशियल पैलेस, अल-बुराईका के एक इंस्टॉलेशन और एयरपोर्ट ग्राउंड को निशाना बनाया गया था। 15 अक्टूबर को पैलेस पर हुए हमले में पांच लोगों की मौत हुई थी और 16 लोग घायल हुए थे।
इसी दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उन्होंने सऊदी शहरों ताइफ और यनबू की ओर आने वाली दो मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया। ईरान समर्थित हूतियों से बढ़ते खतरों को देखते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व के देशों के लिए अपनी यात्रा परामर्श (ट्रैवल एडवाइजरी) को अपडेट किया है।