बलूचिस्तान में जबरन गायब लोगों की वापसी के लिए क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर परिजनों का प्रदर्शन जारी है

क्वेटा: बलूचिस्तान में लोगों के जबरन गायब होने के मामलों को लेकर परिजनों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। अपने रिश्तेदारों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर लापता लोगों के परिवार क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर लगातार धरना दे रहे हैं।
द वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स (VBMP) के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन अब 6,390वें दिन पहुंच गया है। हाल ही में कामरान खान के पिता और भाई भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। कामरान को 1 अप्रैल को क्वेटा के कामब्राणी रोड स्थित किल्ली कश्मीरबाद से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
परिजनों का कहना है कि कामरान के गायब होने से पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है। VBMP के चेयरमैन नसरुल्लाह बलूच ने बताया कि जबरन गायब होने पर गठित जांच आयोग ने कामरान के मामले को औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया है। आयोग ने इस केस को एक रेफरेंस नंबर दिया है और संबंधित संस्थानों को नोटिस भी जारी किए हैं। नसरुल्लाह ने उम्मीद जताई कि इस प्रक्रिया से कामरान की सुरक्षित वापसी हो सकेगी।
प्रदर्शन स्थल पर एक अन्य परिवार ने भी न्याय की गुहार लगाई है। मोहम्मद रियाज सटकजई के पिता खान मोहम्मद ने बताया कि उनका बेटा 6 मई को दागरी क्रॉस स्थित फ्रंटियर कोर चेकपॉइंट से जबरन गायब कर दिया गया था। खान मोहम्मद के मुताबिक, आयोग के निर्देश पर पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके बयान दर्ज किए हैं, लेकिन उन्हें अब तक बेटे की हिरासत या उसके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
नसरुल्लाह बलूच ने अधिकारियों से कामरान, रियाज और अन्य सभी लापता लोगों को बरामद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप है, तो उसे अदालत में पेश किया जाना चाहिए और कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बलूचिस्तान में जबरन गायब करने और एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग्स (न्यायेतर हत्याओं) को रोकने की मांग की है।