बलोचिस्तान में महिला विंग का पाकिस्तानी सेना पर कहर

बलोचिस्तान में तनाव की स्थिति उस समय और बढ़ गई जब बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) की महिला शाखा ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ एक बड़ा और घातक कदम उठाया। इस साहसिक कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
सैन्य कैंप पर भीषण हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, बीएलएफ की महिला शाखा 'करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन' और 'हरावल दस्ते' की कुर्बान यूनिट ने संयुक्त रूप से एक बड़े सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। वाशक के मशकिल गुरिंदर इलाके में फ्रंटियर कोर (एफसी) के 58वीं विंग के मुख्य मिलिट्री कैंप को पूरी तरह से घेरकर हमला किया गया। इस कार्रवाई में रॉकेट, ग्रेनेड लॉन्चर और अत्याधुनिक हथियारों का खुलकर इस्तेमाल किया गया।
इस भीषण हमले के दौरान पाकिस्तानी सेना के 18 अधिकारी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। स्थिति इतनी भयावह थी कि कई जवान अपनी जान बचाकर कैंप छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। जब पाकिस्तानी सेना की मदद के लिए अतिरिक्त बल भेजा गया, तो उन्हें भी बलोच लड़ाकों ने अपने निशाने पर ले लिया, जिससे उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
बलोच महिलाओं की बढ़ती भूमिका
इस हमले की जिम्मेदारी बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने ली है। संगठन के प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया है कि बलोच नेशनल मूवमेंट में अब महिलाएं केवल राजनीतिक चर्चाओं या विचारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दमनकारी नीतियों के खिलाफ सीधे रणक्षेत्र में उतर चुकी हैं। इस संघर्ष में संगठन के दो कमांडर भी शहीद हुए हैं।
क्षेत्र में अन्य घटनाएं
इस बड़ी सैन्य झड़प के अलावा, क्षेत्र से अन्य हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं। पंजगुर जिले में एक स्थानीय नागरिक को हिरासत में लेकर गायब करने का मामला सामने आया है, जिसके परिजनों ने मानवाधिकार संगठनों से मदद की गुहार लगाई है। वहीं, केच जिले में सुरक्षा बलों के लिए कथित तौर पर मुखबिरी करने वाले एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या किए जाने की भी खबर है।