Pakistan: बलोचिस्तान में पुलिस स्टेशन और सेना पर ताबड़तोड़ हमले, कई जवानों की मौत

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है और हाल ही में राजधानी क्वेटा तथा केच इलाके में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर बड़े हमले किए गए हैं। इन लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और आम लोग सहमे हुए हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में पाकिस्तानी सेना और पुलिसकर्मियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
क्वेटा में पुलिस स्टेशन पर हमला और मुठभेड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी क्वेटा के अघबर्ग इलाके में कुछ हथियारबंद लोगों ने अचानक एक पुलिस स्टेशन को घेर लिया और उस पर हमला बोल दिया। द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, थाने पर हमले के दौरान पुलिस और हमलावरों के बीच भीषण गोलीबारी और झड़प हुई। इस दौरान जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने मौके पर पाँच हमलावरों को मार गिराया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
केच में सेना के काफिले और सैनिकों को बनाया गया निशाना
पुलिस स्टेशन पर हमले के अलावा, केच के हेरोंक इलाके में भी आज सुबह एक जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके में अज्ञात लोगों ने पाकिस्तान की थल सेना के सैनिकों को निशाना बनाया। शुरुआती खबरों में इस धमाके के कारण सेना के कई सैनिकों के मारे जाने की बात सामने आ रही है, हालांकि स्थानीय प्रशासन या सैन्य अधिकारियों की तरफ से इस नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की जा सकी है। इस तरह के लगातार हमलों से यह साफ पता चलता है कि सुरक्षा बलों के खिलाफ असंतोष और खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस बीच, बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रवक्ता मेजर घोरम बलोच ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बड़ी जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि उनकी महिला शाखा करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन ने तुर्बत के पास जुस्क इलाके में CPEC हाइवे पर पाकिस्तानी सेना की एक्शन टास्क फोर्स के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। इस बड़े और सुनियोजित हमले में सेना के कई जवान मौके पर ही मारे गए और सेना की कई गाड़ियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इस घटना ने एक बार फिर से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।