बलूचिस्तान: सुराब में पाकिस्तानी बमबारी से मस्जिद और घर क्षतिग्रस्त, वकीलों का प्रदर्शन

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में तनाव और हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में सुराब जिले के नागर इलाके में कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना की बमबारी की सूचना सामने आई है, जिसमें एक स्थानीय मस्जिद और कई रिहायशी मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है और सुरक्षा तथा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मुख्य हाईवे पर जनता का प्रदर्शन
बमबारी की इस घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने न्याय की मांग करते हुए मुख्य हाईवे पर जाम लगा दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे, तो सुरक्षा बलों ने उन्हें वहां से हटाने के लिए बल का प्रयोग किया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस बमबारी में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है।
वकीलों द्वारा अदालतों का बहिष्कार
एक अन्य घटना के विरोध में मकरान डिवीजन के वकीलों ने केच जिले के बलिचा में हुए कथित ड्रोन हमले के खिलाफ अदालती कामकाज का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया। मकरान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के आह्वान पर तुरबत, ग्वादर, पंजगुर और पासनी के वकील अदालतों में पेश नहीं हुए। इस हड़ताल के कारण अदालतों में पेंडिंग मामलों की सुनवाई पर असर पड़ा और दूर-दराज से पहुंचे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्या है बलिचा की घटना?
वकीलों और स्थानीय संगठनों ने बलिचा की घटना को एक बड़ी त्रासदी करार देते हुए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठाई है।
- पिकनिक मनाने गए थे युवक: पीड़ित परिवारों के मुताबिक, कुछ स्थानीय युवक पिकनिक मनाने लोथम के पहाड़ी इलाके में गए थे।
- संदिग्ध ड्रोन हमला: परिवारों का दावा है कि एक कथित ड्रोन हमले में चार युवकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। मृतकों में तीन चचेरे भाई भी शामिल थे।
- प्रशासन का दावा: दूसरी ओर, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन युवकों को संदिग्ध उग्रवादी बताते हुए उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद करने का दावा किया है।
- परिवारों का खंडन: स्थानीय निवासियों और परिवारों ने अधिकारियों के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और मृतकों को निर्दोष आम नागरिक बताया है।
बलूचिस्तान में इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों और हवाई हमलों की खबरें लगातार सामने आती रही हैं, जिससे वहां के स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। नागरिक लगातार मानवाधिकारों के उल्लंघन और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।