बलोचिस्तान में स्कूल शिक्षक की हत्या के बाद पसनी में भारी विरोध प्रदर्शन, पाकिस्तानी सेना पर आरोपियों को बचाने का आरोप

पसनी (बलोचिस्तान): बलोचिस्तान में स्कूल शिक्षक परवेज मज़ार की हत्या के बाद इलाके में भारी गुस्सा है। उनके परिवार और स्थानीय लोगों ने पसनी में प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
परवेज मज़ार गवर्नमेंट हाई स्कूल बबबर शोर में अरबी पढ़ाते थे। परिजनों के मुताबिक, उन्हें परिवार के सामने से अगवा किया गया था और अगले दिन उनका शव मिला।
रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि एक सशस्त्र समूह, जिसे उन्होंने राज्य समर्थित 'डेथ स्क्वाड' बताया, ने उनका अपहरण किया था। आरोप है कि उन्हें एक निजी टॉर्चर सेल में ले जाया गया, जहां उन्हें प्रताड़ित कर मार डाला गया।
पसनी प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन करने वालों में मृतक शिक्षक के बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने मांग की है कि हत्या के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और परिवार को न्याय मिले।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एफआईआर (FIR) में नामजद आरोपियों को पाकिस्तानी सेना बचा रही है। उन्होंने मांग की है कि इन संदिग्धों को कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे पसनी जीरो पॉइंट पर धरना देंगे। साथ ही उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मकरान कोस्टल हाईवे को बंद करने की धमकी भी दी है।
बलोच अधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे सशस्त्र समूह राज्य संस्थानों के समर्थन से नागरिकों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार रक्षकों को निशाना बनाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य संस्थानों से अपील की है कि वे ऐसे समूहों के खिलाफ कार्रवाई करें जो सरकारी एजेंसियों की आड़ में अपहरण और हत्याएं कर रहे हैं।