पांक ने बलूचिस्तान में दो बलोच युवकों की जबरन गुमशुदगी की निंदा की

बलूचिस्तान (पाकिस्तान): बलोच नेशनल मूवमेंट (BNM) के मानवाधिकार विभाग पांक ने दो बलोच युवकों, आदिल बलोच और ओबैद, की कथित जबरन गुमशुदगी पर कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने मांग की है कि दोनों के ठिकाने का खुलासा किया जाए और उन्हें सुरक्षित रिहा किया जाए।
पांक के बयान के अनुसार, इमाम बख़्श के बेटे आदिल बलोच को 15 फरवरी 2026 को गवादर ज़िले के पसनी इलाके में बाबरशूर से कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना ने उठाया था। निवासी नलिएंट, कुलांच के आदिल का ठिकाना तब से अज्ञात है, जिससे उनका परिवार और दोस्त गहरी चिंता में हैं।
इसी तरह अकबर के बेटे ओबैद को 7 जुलाई 2026 को पसनी से कथित तौर पर सेना ने हिरासत में लिया। संगठन के मुताबिक उसके बाद से भी उसका कोई पता नहीं चल सका है और परिवार अनिश्चितता में जी रहा है। पांक ने साफ कहा कि ऐसी गुमशुदगी का सिलसिला अब खत्म होना चाहिए और हर व्यक्ति को आज़ादी और उचित कानूनी प्रक्रिया का अधिकार मिलना चाहिए।
संगठन की रिपोर्ट और पृष्ठभूमि
पांक की छमाही रिपोर्ट, जो अगस्त 2026 में प्रकाशित हुई, के अनुसार जनवरी से जून 2026 के बीच बलूचिस्तान में 556 जबरन गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए। बलूचिस्तान पाकिस्तान का दक्षिण-पश्चिमी प्रांत है, जो दशकों से राजनीतिक अशांति, अलगाववादी विद्रोह और सुरक्षा अभियानों से जूझ रहा है।
लापता लोगों के परिवार लगातार प्रदर्शन और अभियान चलाकर अपने रिश्तेदार