Bangkok News: बैंकॉक में इसरायली दूतावास के बाहर भारी प्रदर्शन, पर्यटकों के व्यवहार और जमीन खरीद पर उठे गंभीर सवाल

Aanya10 September 20263 min read29 viewsWorld
Bangkok News: बैंकॉक में इसरायली दूतावास के बाहर भारी प्रदर्शन, पर्यटकों के व्यवहार और जमीन खरीद पर उठे गंभीर सवाल

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में स्थित इसरायली दूतावास के बाहर गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। 'टेक थाईलैंड बैक' नामक आंदोलन के तहत यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसका नेतृत्व सोंधी लिमथोंगकुल ने किया। इस प्रदर्शन में कई अन्य लोग भी शामिल हुए जिन्होंने इसरायली पर्यटकों के कथित खराब व्यवहार और देश में जमीन खरीदने के तरीकों पर कड़ी आपत्ति जताई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में कई तरह के बैनर थे जिन पर सरकार और पर्यटकों के खिलाफ नारे लिखे हुए थे।

बैठक के बाद बढ़ा तनाव

यह पूरा विरोध प्रदर्शन उस बैठक के कुछ दिनों बाद हुआ जो थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासाक पुआंगकेतकेव और इसरायली राजदूत अलोना फिशर-कम्म के बीच मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को हुई थी। उस बैठक में थाईलैंड के विदेश मंत्री ने साफ शब्दों में कहा था कि उनके देश में पर्यटकों का स्वागत है, लेकिन सभी देशों के नागरिकों को स्थानीय कानूनों और परंपराओं का सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकता है। मंत्री ने इस्राइल से इन सभी मामलों पर ठोस कदम उठाने की मांग की थी। इस बैठक के दौरान इसरायली राजदूत ने पर्यटकों के व्यवहार से जुड़ी चिंताओं को स्वीकार किया और यात्रियों के लिए एक 'क्या करें और क्या न करें' गाइड बनाने का सुझाव दिया, हालांकि उन्होंने मीडिया से कोई सीधी बात नहीं की। इसके बाद इस्राइल के उप राजदूत रामी तेप्लित्स्की ने थाई भाषा में एक वीडियो संदेश जारी किया जिसमें उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर इन समस्याओं को हल करने की बात कही।

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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सोंधी लिमथोंगकुल ने इसरायली राजदूत की तरफ से मिलने के निजी प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने एक खुला पत्र पढ़कर सुनाया जिसमें इसरायली सरकार से अपने नागरिकों के आचरण को नियंत्रित करने की मांग की गई। पत्र में यह भी कहा गया कि इस्राइल को अपने देश से बाहर घूमने जाने वाले नागरिकों को कानूनी और सांस्कृतिक जानकारी देनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करना चाहिए। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने चाचोएंगसाओ जैसे इलाकों में चाबाद केंद्रों की गतिविधियों और कथित इसरायली जमीन खरीद को लेकर भी चिंता व्यक्त की। सीनेट की सैन्य मामलों की उप-समिति के प्रवक्ता चाइयोंग मानेरुंगसकुल ने इसे एक उभरती हुई सुरक्षा चिंता बताया जिसकी जांच की जानी जरूरी है।

थाई सरकार के नए नियम

बढ़ते तनाव को देखते हुए थाईलैंड की सरकार ने नियमों को और सख्त करना शुरू कर दिया है। प्रभावी रूप से 15 सितंबर 2026 से इसरायली पर्यटकों और अन्य पात्र आगंतुकों के लिए बिना वीजा के रुकने की सीमा को 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा अगस्त महीने के आखिरी हिस्से में उन विदेशियों के लिए नए डिपोर्टेशन नियम लागू किए गए थे जो सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा माने जाते हैं। सरकारी संचार माध्यमों के अनुसार, इसरायली दूतावास ने भी देश आने वाले अपने नागरिकों के बीच आचार संहिता बांटनी शुरू कर दी है। इस बारे में अधिक जानकारी आधिकारिक रिपोर्ट में दी गई है। गुरुवार को हुए इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से दूतावास को थोड़े समय के लिए बंद रखा गया था और यह विरोध प्रदर्शन बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। आयोजकों ने आने वाले दिनों में चोनबुरी, चांथबुरी और खोन काएन जैसे प्रांतों में भी ऐसे ही और rallies निकालने की घोषणा की है।

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