बांग्लादेश के विश्वविद्यालयों में हसीना समर्थक प्रोफेसरों और छात्रों पर मनमानी कार्रवाई: HRW

ह्यूमन राइट्स वॉच ने बांग्लादेश के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और छात्रों के मनमाने निष्कासन और उत्पीड़न पर गंभीर चिंता जताई है।

Gautam Sahu4 November 20263 min read0 viewsWorld
बांग्लादेश के विश्वविद्यालयों में हसीना समर्थक प्रोफेसरों और छात्रों पर मनमानी कार्रवाई: HRW

ढाका (बांग्लादेश): बांग्लादेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में प्रोफेसरों और छात्रों को पूर्व शासक शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग से जुड़े होने के आरोप में मनमाने ढंग से दंडित किया जा रहा है। ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने बुधवार को जारी एक बयान में इस बात की पुष्टि की है।

संस्था ने कहा कि शांतिपूर्ण विश्वास के आधार पर या बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के किसी को दंडित करना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन है। यह कदम अभिव्यक्ति और संघ बनाने की आजादी के अधिकारों के खिलाफ है और पिछले प्रशासनों द्वारा राजनीतिक विचारों को नियंत्रित करने की कोशिशों को दोहराता है।

ह्यूमन राइट्स वॉच की डिप्टी एशिया डायरेक्टर मीनाक्षी गांगुली ने कहा कि बांग्लादेश के विश्वविद्यालयों में राजनीतिक बहस का एक लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने जोर दिया कि केवल तानाशाहों को ऐसी चर्चाओं से डर होना चाहिए, न कि उस सरकार को जो छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद बनी है। गांगुली के मुताबिक, बांग्लादेश को अतीत के दमन को दोहराने के बजाय उससे आगे बढ़ने की जरूरत है।

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इन कार्रवाइयों में शिक्षकों को नौकरी से निकालना, सस्पेंड करना और पढ़ाने पर रोक लगाना शामिल है। उन पर आरोप है कि वे हसीना की अवामी लीग सरकार द्वारा की गई हिंसा में शामिल थे या उन्होंने पार्टी के समर्थन में 'विनाशकारी' गतिविधियां कीं। कुछ पर छात्रों के खिलाफ भेदभाव करने का आरोप भी है, जिन्होंने इस्लामिक कपड़े पहने थे।

रिपोर्ट के अनुसार, अवामी लीग के सदस्य और समर्थक बताए जाने वाले सैकड़ों छात्रों को भी निष्कासित किया जा रहा है, जिससे उनके शिक्षा के अधिकार का हनन हो रहा है। HRW ने एक दर्जन से अधिक प्रभावित शिक्षकों के इंटरव्यू लिए, यूनिवर्सिटी के पत्राचार की जांच की और सोशल मीडिया व टेलीविजन चर्चाओं का विश्लेषण किया है।

अगस्त 2026 की मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया गया कि 22 विश्वविद्यालयों के कम से कम 404 अकादमिक लोग, जो अवामी लीग समर्थक टेलीग्राम ग्रुप का हिस्सा थे, जांच के दायरे में हैं। सुरक्षा कारणों से नाम न बताने वाले एक प्रोफेसर ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन उन शिक्षकों को झूठे आरोपों में निशाना बना रहा है जिन्होंने 2024 के छात्र आंदोलन का समर्थन नहीं किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें क्लास लेने और रिसर्च करने की अनुमति नहीं है।

जुलाई और अगस्त 2024 में विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई में सैकड़ों लोग मारे गए थे, जिसके बाद शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। फरवरी 2026 में चुनाव के बाद बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी सत्ता में आई। इससे पहले मई 2025 में अंतरिम सरकार ने अवामी लीग की गतिविधियों को अपराध घोषित कर दिया था।

ढाका यूनिवर्सिटी में सितंबर 2024 से नए अधिकारियों ने बिना किसी पारदर्शी जांच के 44 अकादमिक लोगों को काम रोकने का आदेश दिया और 25 के शिक्षण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया। बाद में एक जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर छह को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया और 14 अन्य के खिलाफ जांच शुरू हुई।

मैमनसिंह की बांग्लादेश एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में 12 अकादमिक लोगों को बर्खास्त या निलंबित किया गया और 34 के कार्यों को प्रतिबंधित किया गया। वहीं, ढाका की शेर-ए-बांग्ला एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में 12 लोगों को निलंबित और 10 को शैक्षणिक गतिविधियों से हटाया गया। शिक्षकों का दावा है कि उन्हें इस जांच प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई, जो कानून का उल्लंघन है।

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