डब्ल्यूटीसी टॉप फोर में रहना प्रेरणादायक है, दबाव नहीं: बांग्लादेश कप्तान नजमुल होसैन शांतो

वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश कप्तान नजमुल होसैन शांतो ने डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग्स पर अपनी राय साझा की।

Gautam Sahu27 October 20262 min read0 viewsWorld
डब्ल्यूटीसी टॉप फोर में रहना प्रेरणादायक है, दबाव नहीं: बांग्लादेश कप्तान नजमुल होसैन शांतो

नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश के कप्तान नजमुल होसैन शांतो ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की स्टैंडिंग्स पर बात की है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीसी के टॉप फोर में होना टीम के लिए दबाव नहीं बल्कि एक प्रेरणा की तरह है।

बांग्लादेश फिलहाल डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग्स में चौथे स्थान पर है और उसके पास टॉप दो में पहुंचने का एक मौका है। फाइनल की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए टीम को अपने बाकी बचे चारों घरेलू टेस्ट मैच जीतने होंगे।

वेस्टइंडीज के साथ दो टेस्ट मैचों की सीरीज होने जा रही है, जिसका पहला मुकाबला बुधवार से शुरू होगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट मैच 5 नवंबर से खेला जाएगा। शांतो ने बताया कि टीम किसी भी तरह के अतिरिक्त प्रयास के बजाय अपनी तय प्रक्रिया पर ध्यान देगी और पिछली टेस्ट सीरीज के प्रदर्शन को आगे बढ़ाएगी।

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क्रिकइन्फो के मुताबिक शांतो ने कहा कि वह इसे दबाव नहीं मानते और टेस्ट क्रिकेट में ऐसे हालात बनना उन्हें प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जब से टीम ने इस सीरीज की तैयारी और चर्चा शुरू की है, उनका पूरा ध्यान पिछले कुछ सालों और सीरीज में खेले गए टेस्ट क्रिकेट के तरीके पर रहा है।

कप्तान ने साफ किया कि वह किसी से भी असाधारण प्रयास की मांग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सीरीज निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन उनका लक्ष्य उसी प्रक्रिया का पालन करना है जिससे उन्हें अब तक नतीजे मिल रहे हैं।

यह टेस्ट सीरीज ऐसे समय में हो रही है जब बांग्लादेश का यूएई दौरा निराशाजनक रहा था। वहां टीम को वनडे ट्राई-सीरीज के दोनों मैच हारने पड़े थे और अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था।

बांग्लादेश की टीम निरंतरता के लिए संघर्ष कर रही है। पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 2-0 से जीत के बाद टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने डार्विन में ऑस्ट्रेलिया को हराया, लेकिन उसके बाद वाला मैच हार गए। इसी महीने अफगानिस्तान के खिलाफ भी टेस्ट मैच ड्रॉ रहा।

शांतो ने बताया कि डार्विन टेस्ट की जीत ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और विश्वास को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों में इस फॉर्मेट में सुधार करने की गहरी इच्छा पहले से थी, जो जीत के बाद और बढ़ गई है। अब टीम के खिलाड़ियों में अगले टेस्ट मैच को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

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