बांग्लादेश में दुर्गा पूजा की धूम, शुक्रवार से शुरू हो रहा पांच दिवसीय उत्सव

Gautam Sahu15 October 20262 min read0 viewsWorld
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा की धूम, शुक्रवार से शुरू हो रहा पांच दिवसीय उत्सव

ढाका (बांग्लादेश): बांग्लादेश में हिंदू समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार दुर्गा पूजा शुक्रवार से शुरू हो रहा है। मंदिरों में भक्ति भरी प्रार्थनाएं गूंज रही हैं और पूजा मंडपों में तैयारियां जोरों पर हैं। महा षष्ठी से शुरू होने वाला यह उत्सव पांच दिनों तक चलेगा।

बांग्लादेश पूजा उत्सव समिति के मुताबिक इस साल देशभर में 33,851 पूजाओं का आयोजन किया जा रहा है, जबकि पिछले साल यह संख्या 32,351 थी। राजधानी ढाका में इस बार करीब 258 पूजाएं होंगी, जो पिछले साल की 261 से कुछ कम हैं। इन आंकड़ों में सार्वजनिक पूजा पंडालों के साथ घरों में होने वाली पूजाएं भी शामिल हैं।

समिति के महासचिव संतोष शर्मा ने बताया कि इस बार दुर्गा पूजा का उत्साह काफी ज्यादा है। सरकार ने सामान्य छुट्टी एक दिन बढ़ाकर कुल तीन दिन कर दी है। इसके साथ सप्ताहांत और दो अतिरिक्त दिन जोड़कर लोग पांच दिन की छुट्टी की उम्मीद कर रहे हैं।

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कई श्रद्धालुओं के लिए दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था के साथ-साथ परिवार से मिलने और अपनी जड़ों की ओर लौटने का भी मौका है। बड़े शहरों में रहने वाले लोग इस छुट्टी में गांव और कस्बों में अपने घर लौट रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष काजोल देबनाथ ने एएनआई से कहा, "इस साल कई लोग ढाका और दूसरे बड़े शहरों को छोड़कर अपने गांव के घरों में लौट रहे हैं। इसलिए इस बार त्योहार का उत्साह और भी ज्यादा है।"

इस बार उत्सव में भारत से भी श्रद्धालु बांग्लादेश पहुंचे हैं। कोलकाता की 82 वर्षीय शिक्षा रानी दास इन्हीं में से एक हैं। वे इस समय ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर के पूजा पंडालों में दर्शन कर रही हैं और राजधानी से बाहर सिलहट जाने की योजना बना रही हैं।

ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में एक पूजा मंडप के सामने खड़ी शिक्षा रानी दास ने एएनआई से कहा, "मैं बांग्लादेश में हूं और देवी दुर्गा के इस उत्सव को देखकर बहुत खुश हूं।" दुर्गा पूजा बांग्लादेश के हिंदू समुदाय के साथ-साथ दुनियाभर के बंगाली लोगों के लिए भी खास महत्व रखती है। यह त्योहार देवी दुर्गा की महिमा और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

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