वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बांग्लादेश में हजारों गारमेंट वर्कर्स का प्रदर्शन, सड़कें जाम

बांग्लादेश में हजारों गारमेंट वर्कर्स ने न्यूनतम वेतन 30,000 टका करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, जिससे कई फैक्ट्रियां बंद हो गईं।

Gautam Sahu3 November 20262 min read0 viewsWorld
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बांग्लादेश में हजारों गारमेंट वर्कर्स का प्रदर्शन, सड़कें जाम

ढाका: बांग्लादेश में न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों गारमेंट वर्कर्स ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 से सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारी वर्तमान 12,500 टका ($102) के वेतन को बढ़ाकर 30,000 टका (लगभग $241–$243) करने की मांग कर रहे हैं।

बढ़ती महंगाई और गंभीर आर्थिक तंगी के कारण भड़के इस विरोध प्रदर्शन में ढाका-टंगैल हाईवे समेत कई मुख्य सड़कों पर जाम लगा दिया गया है। प्रदर्शनकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच झड़पें भी हुई हैं, जिसमें पुलिस ने आंसू गैस, स्टन ग्रेनेड और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया है।

मजदूरी की मौजूदा स्थिति के दर्द को बयां करते हुए 37 वर्षीय सिलाई ऑपरेटर लैली बेगम ने कहा, "मेरा बेटा इतना दुबला हो गया है कि उसकी छाती की हर पसली गिनी जा सकती है। मैं और क्या कर सकती हूं?"

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बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को छह सदस्यीय न्यूनतम वेतन बोर्ड का गठन किया है, जो कर्मचारियों की मांगों की समीक्षा करेगा। हालांकि, बांग्लादेश गारमेंट एंड इंडस्ट्रियल वर्कर्स फेडरेशन, गारमेंट वर्कर्स ट्रेड यूनियन और एकता गारमेंट्स श्रमिक फेडरेशन जैसे संगठनों के नेता इस कदम से संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि उनकी समस्याएं अब भी बरकरार हैं।

बांग्लादेश गारमेंट एंड इंडस्ट्रियल वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव बाबुल अख्तर ने फैक्ट्री मालिकों से अपील की है कि वे वेतन दबाने के बजाय अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ बेहतर कीमतों पर बातचीत करें।

बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BGMEA) के मुताबिक, इस विरोध के कारण 529 से 679 फैक्ट्रियों के कामकाज में बाधा आई है। BGMEA के अध्यक्ष महमूद हसन खान ने चेतावनी दी है कि यदि फैक्ट्रियां बंद रहीं, तो उद्योग को "नो वर्क, नो पे" (काम नहीं तो वेतन नहीं) की नीति लागू करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

ढाका विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र प्रोफेसर सलीम रहमान ने महंगाई के कारण श्रमिकों की मांगों को जायज बताया है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि अचानक से बड़ी वेतन वृद्धि निर्यात प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसे चरणों में लागू करने की जरूरत है।

बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा परिधान निर्यातक है। देश की कुल निर्यात आय में गारमेंट सेक्टर का योगदान 80 प्रतिशत से अधिक है और इस क्षेत्र में लगभग 40 लाख लोग कार्यरत हैं।

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