बांग्लादेश में गारमेंट वर्कर्स का हिंसक प्रदर्शन, पुलिस चौकियां फूंकीं, BGB तैनात

वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बांग्लादेश के गारमेंट वर्कर्स का प्रदर्शन हिंसक हो गया है। ढाका और गाजीपुर में पुलिस चौकियों को निशाना बनाया गया।

Gautam Sahu1 November 20262 min read0 viewsWorld
बांग्लादेश में गारमेंट वर्कर्स का हिंसक प्रदर्शन, पुलिस चौकियां फूंकीं, BGB तैनात

ढाका (बांग्लादेश): बांग्लादेश में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर गारमेंट वर्कर्स का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। ढाका और गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया, जिसमें पुलिस चौकियों को निशाना बनाया गया और पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पुलिस के साथ-साथ बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की टुकड़ियों को औद्योगिक क्षेत्रों में तैनात किया है। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की, पुलिस चौकियों पर पथराव किया और प्रमुख सड़कों पर बैरिकेड्स लगाकर रास्ता जाम कर दिया।

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। यह अशांति कल शुरू हुई थी, लेकिन आज ढाका के मीरपुर और गाजीपुर के कोनाबारी जैसे इलाकों में यह और ज्यादा बढ़ गई।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

वर्तमान में बांग्लादेश में गारमेंट वर्कर्स का न्यूनतम वेतन 12,500 टका प्रति माह है, जिसे बढ़ाकर 30,000 टका करने की मांग की जा रही है। यह मांग इसलिए उठी क्योंकि बांग्लादेश सरकार ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के लिए नया वेतनमान घोषित किया है, जिससे उनके वेतन और लाभ लगभग दोगुने हो गए हैं।

दूसरी ओर, गारमेंट फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि ऑर्डर्स में कमी आई है और कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि कच्चे माल के आयात की लागत अधिक होने के कारण इतनी बड़ी वेतन वृद्धि की मांग को पूरा करना मुश्किल है।

सरकार ने नए वेतन के निर्धारण के लिए एक वेज बोर्ड का गठन किया है, लेकिन इसके बावजूद श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हुए हैं।

बांग्लादेश का रेडी-मेड गारमेंट्स (RMG) उद्योग 1970 के दशक के अंत और 1980 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ था। आज यह देश के कुल निर्यात आय का 80% से अधिक हिस्सा है और दुनिया के सबसे बड़े गारमेंट निर्यातकों में से एक है। इस क्षेत्र में करीब 40 लाख श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें 60% से 70% महिलाएं हैं।

Share:

Comments

Leave a comment