Bangladesh Nuclear Fuel: पाकिस्तान की रोक से बांग्लादेश का परमाणु ईंधन का शिपमेंट फंसा, अक्टूबर में नई डिलीवरी.

Sushma Kumari27 September 20262 min read4 viewsWorld
Bangladesh Nuclear Fuel: पाकिस्तान की रोक से बांग्लादेश का परमाणु ईंधन का शिपमेंट फंसा, अक्टूबर में नई डिलीवरी.

बांग्लादेश के रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट के यूनिट 2 के लिए आ रहे परमाणु ईंधन की डिलीवरी में बड़ी रुकावट आई है। पाकिस्तान की तरफ से एयरस्पेस यानी हवाई क्षेत्र का क्लीयरेंस न मिलने की वजह से यह जरूरी खेप समय पर नहीं पहुंच पाई। इस महत्वपूर्ण मामले की जानकारी सामने आने के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर चर्चा शुरू हो गई है। रूस से आने वाले इस संवेदनशील सामान को तय समय पर पहुंचना था, लेकिन पड़ोसी देश के इस फैसले ने प्लान को बदल दिया है।

कहाँ फंसा परमाणु ईंधन और क्या है पूरा मामला

यूरेनियम ईंधन की यह खेप मूल रूप से 24 सितंबर 2026 को बांग्लादेश पहुंचने वाली थी, लेकिन रास्ते में रोक लगने के कारण यह कार्गो अभी तक अपने तय स्थान पर नहीं पहुंच पाया है। बांग्लादेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फकीर महबूब अनाम ने इस रुकावट की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से एयरस्पेस की अनुमति न मिलने के पीछे की असली वजह आधिकारिक तौर पर अभी तक सामने नहीं आई है। हालांकि इस बाधा के बाद रूस ने अब अक्टूबर के पहले हफ्ते में डिलीवरी की नई तारीख का प्रस्ताव दिया है।

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बांग्लादेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव शेख मोहम्मद तौहिदुल इस्लाम ने मीडिया को बताया कि अधिकारियों को एयरस्पेस पर लगी पाबंदियों के बारे में रूसी राज्य परमाणु ऊर्जा निगम रोसाटोम के एक संपर्क अधिकारी द्वारा सूचित किया गया था। रोसाटोम वही कंपनी है जो इस न्यूक्लियर प्लांट का निर्माण कर रही है और यही कंपनी इसके लिए ईंधन भी सप्लाई कर रही है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील परमाणु ईंधन को विशेष कार्गो विमानों के जरिए भेजने के लिए बेहद कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना पड़ता है। इसमें उड़ान भरने वाले रास्ते में आने वाले सभी देशों की औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य होता है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल और आगे की तैयारी

इस पूरी प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े संस्थानों की मंजूरी शामिल होती है। इस तरह के संवेदनशील अभियानों के लिए अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और बांग्लादेश परमाणु नियामक प्राधिकरण से क्लीयरेंस लेना जरूरी होता है। बांग्लादेश ने 24 सितंबर को होने वाली इस डिलीवरी के स्वागत के लिए हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी जरूरी प्रशासनिक और लॉजिस्टिक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं। लेकिन अब स्थानीय अधिकारी रूसी साझेदारों के साथ मिलकर वैकल्पिक रास्तों पर विचार कर रहे हैं ताकि बिना किसी और परेशानी के ईंधन को सही सलामत देश में लाया जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।

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