नेपाल बाढ़ पर बांग्लादेश संसद का बड़ा कदम, मृतकों के लिए रखा गया मौन और पास हुआ शोक प्रस्ताव.

पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की वजह से भारी तबाही देखने को मिली है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है। इस बड़ी प्राकृतिक आपदा पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दुख जताया जा रहा है। इसी कड़ी में बांग्लादेश की संसद ने नेपाल में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और संसद में सर्वसम्मति से एक विशेष शोक प्रस्ताव पास किया है। इस प्रस्ताव के जरिए नेपाल के उन पीड़ित परिवारों के प्रति भी सांत्वना दी गई है, जिन्होंने इस आपदा में अपने अपनों को खो दिया है।
संसद में रखा गया एक मिनट का मौन
नेपाल में हुई इस भारी मानवीय क्षति के बाद बांग्लादेश की संसद का सत्र काफी संवेदनशील माहौल में चला। चर्चा के बाद सदन के सभी सांसदों ने मिलकर इस शोक प्रस्ताव को मंजूरी दी। नेपाल के मृतकों के सम्मान में सदन के सभी सदस्यों ने अपनी जगह पर खड़े होकर एक मिनट का मौन रखा। इसके बाद भगवान से प्रार्थना की गई कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में शांति दें और उनके परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। इस विशेष प्रार्थना का संचालन बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्री काजी शाह मोफज्जल हुसैन ने खुद किया, जिससे इस शोक सभा का महत्व और ज्यादा बढ़ गया।
स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद ने जारी किया शोक संदेश
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बांग्लादेश की संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद ने भी सामने आकर नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान पर गहरा दुख प्रकट किया। स्पीकर अहमद की तरफ से एक आधिकारिक शोक संदेश भी जारी किया गया, जिसमें नेपाल के आम नागरिकों और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया गया। उन्होंने अपने संदेश में साफ कहा कि बांग्लादेश की जनता और सरकार इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। साथ ही उन्होंने प्राकृतिक आपदा में घायल हुए सभी लोगों के बहुत जल्द ठीक होने की भी ईश्वर से प्रार्थना की है, ताकि वे लोग जल्द से जल्द अपने सामान्य जीवन में वापस लौट सकें। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है, जहां पत्रकार पंकज दास ने इसकी पूरी रिपोर्टिंग की है।