अमेरिका और इजरायल में बदलाव शुरू, तेहरान में बोले बसीज कमांडर हुसैन तायब
ईरान के बसीज कमांडर हुसैन तायब ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल में बदलाव शुरू हो चुका है और वाशिंगटन की रणनीतियां नाकाम रही हैं।

तेहरान: ईरान की बसीज अर्धसैनिक बल के कमांडर हुसैन तायब ने दावा किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के भीतर 'बदलाव' की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 6 नवंबर, 2026 को तेहरान में आयोजित 19वें अंतरराष्ट्रीय रेजिस्टेंस फिल्म फेस्टिवल के दौरान उन्होंने यह बात कही।
तायब ने कहा कि मध्य पूर्व को नया आकार देने की वाशिंगटन की कोशिशें अंततः उन्हीं पर भारी पड़ी हैं। उनके मुताबिक, अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ घरेलू विरोध बढ़ रहा है और जारी युद्ध के विरुद्ध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
हुसैन तायब को 10 अगस्त, 2026 को सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने घरेलू खुफिया और सुरक्षा की देखरेख के लिए पुनर्नियुक्त किया था। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा, "आज हम कहते हैं कि अमेरिका और इजरायल में बदलाव शुरू हो गया है, और जल्द ही हम इसे अलग-अलग क्षेत्रों में देखेंगे।"
तायब का यह बयान हालिया अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरानी अधिकारियों के रुख से मेल खाता है। सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और महमूद नबवियन जैसे अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य रणनीति ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करने या उसकी सभ्यता को नष्ट करने में विफल रही है।
ईरानी नेतृत्व का तर्क है कि इन अभियानों की राजनीतिक कीमत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कमजोर कर दिया है। इसके जरिए ईरान को एक उभरती हुई वैश्विक महाशक्ति के रूप में पेश किया जा रहा है।
इन बयानों के साथ ही ईरान ने क्षेत्रीय राजनयिक प्रयासों को तेज कर दिया है। सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की।
दूसरी ओर, ईरानी सैन्य नेताओं ने किसी भी आगे के हमले पर "अप्रत्याशित" प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने व्यापक आर्थिक संकट प्रबंधन योजनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया है।