Berlin में फिलिस्तीनी बच्ची Hind Rajab की गोलीबारी से छलनी कार की याद में बनाया गया स्मारक.

Praggya Singh sabal30 August 20263 min read16 viewsEnglish
Berlin में फिलिस्तीनी बच्ची Hind Rajab की गोलीबारी से छलनी कार की याद में बनाया गया स्मारक.

जर्मनी की राजधानी Berlin में कार्यकर्ताओं ने छह साल की फिलिस्तीनी बच्ची Hind Rajab की उस गाड़ी की हूबहू नकल तैयार की है जिस पर क्रूर हमला हुआ था। इस दिल दहला देने वाली घटना में बच्ची की मौत हो गई थी जो गाजा में 29 जनवरी 2024 को हुई थी। इस खास प्रदर्शनी में एक ऐसी कार को रखा गया है जिसे बिल्कुल वैसी ही दिखाई देती है जैसी असलियत में उस परिवार की गाड़ी थी जिस पर हमला किया गया था। जांचकर्ताओं को यह गाड़ी कुल 335 गोलियों के निशानों के साथ मिली थी जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। इस गाड़ी की स्थापना 30 अगस्त 2026 को जनता के सामने की गई ताकि पूरी दुनिया में एक बार फिर से न्याय की मांग को जोर-शोर से उठाया जा सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

सरकारी जांच और परिवार का अविश्वास

इस दुखद स्मारक को बनाने से पहले इस मामले में कई बड़े कानूनी और प्रशासनिक मोड़ आए हैं। हाल ही में 20 अगस्त 2026 को इजराइल ने आधिकारिक तौर पर यह बात मान ली कि उनकी सेना ने ही उस गाड़ी पर गोलीबारी की थी। इस बड़ी बात को स्वीकार करने के बाद एक आपराधिक जांच भी शुरू कर दी गई है जो पिछले कई सालों से लगातार किए जा रहे इनकार के बिल्कुल उलट है। इन सब बातों के सामने आने के बावजूद पीड़ित परिवार ने इजराइल की इस अंदरूनी जांच पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं जताया है। बच्ची की मां Wissam Hamada और उसकी दादी Hind Hamada Rajab ने खुलकर यह बात कही है कि उन्हें इस जांच प्रक्रिया पर कोई विश्वास नहीं है। परिवार लगातार यह मांग कर रहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके और उन्हें सही मायनों में न्याय मिल सके।

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कानूनी लड़ाई और मानवाधिकार संगठनों की भूमिका

ब्रसेल्स में बना कानूनी अधिकार संगठन Hind Rajab Foundation इस पूरी लड़ाई में बहुत अहम भूमिका निभा रहा है जिसकी स्थापना फरवरी 2024 में की गई थी। इस संगठन के अध्यक्ष Diab Abu Jahjah हैं जिनकी अगुवाई में इस मामले को लेकर काफी काम किया जा रहा है। संगठन ने बीते साल 3 मई 2025 को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में युद्ध अपराधों की एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। अध्यक्ष का यह कहना है कि उन्हें इजराइल की न्याय व्यवस्था पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है क्योंकि उनका पुराना इतिहास ऐसा रहा है कि निष्पक्षता की उम्मीद करना मुश्किल होता है। इस समूह ने यह भी बताया है कि उन्हें इजराइल की तरफ से कई तरह के प्रतिबंधों और दुष्प्रचार का सामना करना पड़ा है ताकि उनकी इस आवाज को दबाया जा सके और उनके काम में रुकावटें डाली जा सकें।

बचाव दल की शहादत और वैश्विक विरोध

इस भयानक हादसे में केवल उस छोटी बच्ची की ही जान नहीं गई बल्कि फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के दो पैरामेडिक्स की भी मौत हो गई थी जो उस बच्ची की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर वहां पहुंचे थे। इस पूरी घटना ने पूरी दुनिया के लोगों को झकझोर कर रख दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोग इसके खिलाफ खड़े हुए हैं। फिल्म निर्माता Kaouther Ben Hania ने, जिन्होंने 'The Voice of Hind Rajab' फिल्म बनाई है, फरवरी 2026 में बर्लिन में एक पुरस्कार लेने से साफ मना कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वह मासूम बच्चों की मौतों को शांति के नाम पर किए जाने वाले खोखले भाषणों का जरिया नहीं बनने देंगी और इसके बदले उन्होंने पक्के तौर पर जवाबदेही तय करने की मांग की थी। बर्लिन में लगाई गई इस मौजूदा प्रदर्शनी से यह साफ पता चलता है कि लोगों के मन में अभी भी गुस्सा और तनाव बना हुआ है। नीदरलैंड्स में रहने वाले Cemal Arican जैसे कार्यकर्ताओं ने भी ऐसे ही कई प्रदर्शन आयोजित किए हैं ताकि इस दर्दनाक मामले को हमेशा लोगों की नजरों में रखा जा सके और इसे भुलाया न जाए।

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