अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर छिड़ी बड़ी बहस, सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को घेरा

अमेरिका में ईरान के साथ चल रहे तनाव और संघर्ष को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यूनाइटेड स्टेट्स सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष को युद्ध मानने से इनकार किया था। सीनेटर सैंडर्स का कहना है कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उन सैनिकों के बलिदान को नजरअंदाज करना है जिन्होंने इस लड़ाई में अपनी जान गंवाई है। इस पूरे मामले को लेकर अमेरिकी प्रशासन के भीतर और बाहर दोनों जगह तीखी बहस छिड़ी हुई है कि इस संघर्ष को आधिकारिक तौर पर क्या नाम दिया जाए और जनता के सामने इसे कैसे पेश किया जाए।
व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग और बयानों पर विवाद
बीते 3 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस में हुई एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया था कि इस समय कोई सक्रिय गोलीबारी नहीं हो रही है और संघर्ष शुरू होने के लगभग छह महीने बाद ही बड़े स्तर के युद्धक अभियान समाप्त हो गए थे। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी 4 सितंबर 2026 को इस स्थिति का समर्थन करते हुए इसे एक छोटा सैन्य संघर्ष करार दिया था, हालांकि सोशल मीडिया पर पहले उन्होंने इसे युद्ध के रूप में संबोधित किया था। इस बीच वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटिंक ने 3 सितंबर को अपने उस पुराने इंटरव्यू के लिए माफी मांगी जिसमें उन्होंने गलती से यह कह दिया था कि इस संघर्ष में एक भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई है। उन्होंने बाद में अपनी गलती सुधारते हुए स्वीकार किया कि इस लड़ाई में सेना के 18 जवान मारे जा चुके हैं और उन्होंने इसे वेनेजुएला की घटनाओं के साथ हुई मानसिक उलझन का नतीजा बताया।
पेंटागन का नया आदेश और सैन्य आंकड़े
आधिकारिक दस्तावेजों और सैन्य शब्दावली में भी बदलाव किए गए हैं। पेंटागन ने हाल ही में निर्देश जारी कर 4 सितंबर 2026 से 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम का उपयोग बंद करने को कहा है। अब इस अभियान का आधिकारिक नाम सेंटकॉम एओआर के तहत overseas operations कर दिया गया है, क्योंकि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का औपचारिक समापन 5 मई 2026 को हो चुका था। आंकड़ों के अनुसार इस संघर्ष के दौरान अब तक कुल 19 अमेरिकी सेवा सदस्य अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 21 जुलाई 2026 तक 1 नागरिक ठेकेदार की मौत हुई थी और 757 सैन्य कर्मी घायल हुए थे। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों के मारे जाने की बात कही है जिसमें 3 पायलट भी शामिल हैं। क्षेत्रीय तनाव के तहत ईरान ने 4 सितंबर 2026 को कुवैत की तरफ फिर से गोलाबारी की।
शिपिंग और कूटनीतिक मोर्चे पर तनातनी
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका तब तक ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग यानी व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह बंद नहीं हो जाते। इसके अलावा अमेरिकी सेना ईरान के उन दावों की भी जांच कर रही है जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी हमले में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया था। हालांकि उपराष्ट्रपति ने ईरानी सरकारी मीडिया की इन रिपोर्ट्स पर गहरी शंका जताई है। पश्चिम एशिया में जारी इन तनावपूर्ण हालातों का असर वहां रहने वाले प्रवासियों और कामगारों पर भी पड़ रहा है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।