केन्या में भारतीय मूल के लोगों की यादें सहेजने के लिए शुरू हुई पॉडकास्ट सीरीज

नैरोबी में भारतीय उच्चायोग ने केन्या के भारतीय मूल के लोगों की विरासत और यादों को सहेजने के लिए 'द भारत कनेक्शन' पॉडकास्ट सीरीज शुरू की है।

Lov Singh5 November 20262 min read0 viewsEnglish
केन्या में भारतीय मूल के लोगों की यादें सहेजने के लिए शुरू हुई पॉडकास्ट सीरीज

नैरोबी (केन्या): केन्या में भारतीय उच्चायोग ने भारतीय मूल के समुदाय की प्रेरक शख्सियतों के जीवन और उनके संघर्षों को दर्ज करने के लिए एक विशेष ओरल हिस्ट्री पॉडकास्ट सीरीज शुरू की है। इस पहल का नाम 'द भारत कनेक्शन: लिविंग मेमोरीज, शेयर्ड हिस्ट्री' रखा गया है।

केन्या में भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने इस प्रोजेक्ट के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि भारत और केन्या के बीच के संबंध उन पीढ़ियों द्वारा बनाए गए हैं जिन्होंने हिंद महासागर पार कर यहां नई जिंदगी बसाई और दोनों समाजों को करीब लाया। स्वाइका के मुताबिक, ये यात्राएं साझा इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

उच्चायुक्त ने कहा कि भारतीय मूल का समुदाय केन्या के राष्ट्रीय जीवन का अभिन्न अंग रहा है। इस समुदाय के लोगों ने व्यापार, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सार्वजनिक सेवा, खेल, कला और परोपकार जैसे क्षेत्रों में बड़ा योगदान दिया है। भारत और केन्या दोनों सरकारों ने अलग-अलग क्षेत्रों के इन लोगों के योगदान को मान्यता भी दी है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इस पॉडकास्ट के जरिए उन यादों को सहेजने की कोशिश की जाएगी जो अब तक केवल पारिवारिक बातचीत, पुरानी तस्वीरों और पत्रों तक सीमित थीं। सीरीज में यह जानने की कोशिश होगी कि पिछली पीढ़ियां केन्या क्यों आईं, उन्होंने खुद को कैसे स्थापित किया और भारत के साथ उनके संबंध कैसे बने रहे।

इन बातचीत सत्रों की मेजबानी नैरोबी विश्वविद्यालय के इतिहास professor केनेथ ओम्बोंगी करेंगे, जिनका भारत के साथ पुराना जुड़ाव रहा है। सीरीज के पहले एपिसोड में उद्योगपति और परोपकारी मनु चंदरिया नजर आएंगे, जिन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान और केन्या के 'चीफ ऑफ द ऑर्डर ऑफ द बर्निंग स्पियर' व 'नेशनल हीरोज' पुरस्कार मिल चुके हैं।

आदर्श स्वाइका ने युवा पीढ़ी से भी अपील की है कि वे अपने परिवार के इतिहास को खोजें और अपनी विरासत को दर्ज करें। उन्होंने युवाओं को अपने माता-पिता और दादा-दादी से उनके जीवन के बारे में पूछने और पुरानी तस्वीरों के पीछे की कहानियों को रिकॉर्ड करने के लिए प्रोत्साहित किया।

Share:

Comments

Leave a comment