सऊदी अरब में सड़क हादसे में बिहार के ड्राइवर की मौत, 2 सितंबर को वतन आएगा शव.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बिहार के रहने वाले एक भारतीय ड्राइवर की जान चली गई है। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार और रियाद में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने उनके शव को वापस भारत भेजने की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। हादसे का शिकार हुए शख्स की पहचान 53 साल के Mohammad Asif के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। रियाद में हुए इस हादसे ने वहां काम कर रहे दूसरे प्रवासियों और उनके परिवारों को भी झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि विदेश में रोजी-रोटी कमाने गए अपनों की सलामत वापसी की दुआ हर परिवार मांगता है।
कैसे हुआ यह हादसा और क्या थी पूरी घटना
यह दुखद हादसा 27 अगस्त 2026 की रात को रियाद के प्रसिद्ध Prince Turki Al Awwal Road पर हुआ था। Mohammad Asif उस समय एक खराब हुई गाड़ी को रिकवरी वैन पर लोड करवाने में मदद कर रहे थे। तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उस खड़े हुए वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक टक्कर की वजह से Mohammad Asif की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि उनके साथ मौजूद उनके साथी Yasser Arafat बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई। विदेश की सड़कों पर काम करने वाले इन ड्राइवरों को रोज ऐसे खतरों का सामना करना पड़ता है और यह हादसा एक बार फिर सुरक्षा के सवालों को खड़ा करता है।
शव को भारत भेजने की लंबी कानूनी प्रक्रिया
सऊदी अरब के कानून के अनुसार किसी भी सड़क हादसे में हुई मौत को एक असामान्य मौत यानी unnatural death माना जाता है। ऐसे मामलों में शव को उनके गृह देश भेजने के लिए कड़े नियम और कागजी कार्रवाई पूरी करनी पड़ती है, जिसमें पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट होना अनिवार्य होता है। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मृतक के भाई Kashif Ahmed ने लगातार मेहनत की। इसके साथ ही रियाद में सक्रिय Riyadh KMCC Welfare Wing के स्वयंसेवकों ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सभी औपचारिकताओं को तेजी से पूरा करवाया। इसमें भारतीय दूतावास, रियाद ट्रैफिक विभाग और संबंधित अस्पताल की कागजी कार्रवाई शामिल थी, जो अब पूरी हो चुकी है। अब औपचारिकताएं खत्म होने के बाद Mohammad Asif का पार्थिव शरीर आगामी 2 सितंबर को विमान के जरिए भारत लाया जाएगा।
सऊदी अरब में नियमों और दूतावास की मदद
सऊदी नियमों के मुताबिक, ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास से No Objection Certificate यानी NOC लेना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस रिपोर्ट, पासपोर्ट और इकामा की कॉपी के साथ-साथ कानूनी वारिसों की तरफ से नोटरी किया हुआ पावर ऑफ इसके अलावा स्पॉन्सर की जिम्मेदारी होती है कि वह प्रशासनिक खर्च और दफनाने या शव भेजने की लागत उठाए, बशर्ते यह GOSI बीमा के अंतर्गत कवर न हो। अगर किसी भी भारतीय नागरिक को रियाद या सऊदी अरब में ऐसी किसी भी परेशानी का सामना करना पड़े, तो वे भारतीय दूतावास के आपातकालीन नंबर 8002471234 या फिर 00-966-11-4884697 पर संपर्क कर सकते हैं, जहां कम्युनिटी वेलफेयर विंग ऐसे मामलों में तुरंत मदद पहुंचाता है।