बिलावल भुट्टो ने कहा कि अगर विपक्ष आतंकवाद के खिलाफ केंद्र के साथ मिलकर काम करे तो खैबर पख्तूनख्वा से इमरजेंसी हट सकती है

इस्लामाबाद: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने संकेत दिया है कि केंद्र सरकार खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में लागू आपातकाल और गवर्नर शासन को खत्म कर सकती है। उन्होंने इसके लिए शर्त रखी है कि विपक्षी दलों को आतंकवाद विरोधी योजना पर इस्लामाबाद के साथ मिलकर काम करना होगा।
कराची में 2007 के करसाज़ बम धमाकों की 19वीं बरसी पर करसाज़ स्मारक का दौरा करने के दौरान बिलावल ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में आतंकवाद से लड़ना चाहता है और केपी में इमरजेंसी खत्म कराना चाहता है, तो उन्हें संघीय सरकार और अन्य राजनेताओं के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ एक साझा नीति पर चर्चा करनी चाहिए।
बिलावल भुट्टो ने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष आतंकवाद से लड़ने के लिए तैयार है और दोनों पक्ष एक योजना पर सहमत हो जाते हैं, तो खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन और आपातकाल समाप्त किया जा सकता है।
केंद्र सरकार ने यह कदम केपी प्रशासन द्वारा आतंकवाद विरोधी प्रयासों से जानबूझकर दूरी बनाने के आरोपों के बाद उठाया था। यह कार्रवाई इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के गढ़ केपी में हुई है।
पीपीपी अध्यक्ष ने खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की कड़ी आलोचना की। बिलावल ने कहा कि अगर खैबर पख्तूनख्वा का मुख्यमंत्री डरपोक है और अपनी मातृभूमि की रक्षा या आतंकवादियों से लड़ने के लिए तैयार नहीं है, तो पीपीपी उन्हें लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उनकी पार्टी ने केपी में गवर्नर शासन लगाने के सरकारी फैसले का समर्थन किया।
देश की सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए बिलावल ने कहा कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और खैबर से खुजदार तक आतंकवादी हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां कुछ ताकतें स्वात में पाकिस्तान का झंडा गिराना चाहती हैं। वर्तमान में सुरक्षाकर्मियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आम नागरिकों को निशाना बनाकर आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय लड़ाई चल रही है।
आर्थिक मोर्चे पर बात करते हुए बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐतिहासिक आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और ऐसा लगता है कि स्थिति और खराब होगी। उन्होंने जोर दिया कि इस आर्थिक संकट को दूर करना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए आतंकवाद से लड़ना भी जरूरी होगा।
बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तान में लोकतांत्रिक और चुनावी व्यवस्था में सुधार करने के साथ-साथ राजनीतिक सहमति बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा में 11 अक्टूबर को औपचारिक रूप से आपातकाल और गवर्नर शासन लागू किया गया था, जिससे पीटीआई के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय प्रशासन का कामकाज निलंबित हो गया है।