अमेरिका के सिएटल में बलूच नेशनल मूवमेंट का जोरदार प्रदर्शन

दुनिया के तमाम हिस्सों में मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय की गुहार लगाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में, अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के सिएटल शहर में बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) की ओर से एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान बलूचिस्तान के हालात की ओर खींचना था।
सिएटल में हुए इस आयोजन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर ले रखे थे, जिन पर बलूचिस्तान में हो रहे कथित मानवाधिकार उल्लंघनों, सैन्य अभियानों और बमबारी के खिलाफ संदेश लिखे थे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से की जाने वाली सैन्य कार्रवाइयों के कारण बलूच नागरिकों की जान जा रही है।
अमेरिकी सहायता पर पुनर्विचार करने की मांग
प्रदर्शनकारियों और वक्ताओं ने अमेरिकी सरकार से अपील की कि वह पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों और दी जाने वाली सहायता की समीक्षा करे। उनका कहना था कि अमेरिकी करदाताओं के धन से मिलने वाली मदद का इस्तेमाल परोक्ष रूप से बलूचिस्तान में सैन्य अभियानों के लिए किया जा रहा है। इसलिए, भविष्य में मिलने वाली किसी भी सहायता को वहां मानवाधिकारों के सम्मान के साथ जोड़ा जाना चाहिए।
बीएनएम (BNM) द्वारा यह विरोध प्रदर्शन उनके उस अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा था, जिसका मकसद बलूचिस्तान की गंभीर स्थिति को वैश्विक मंच पर उजागर करना है। इससे पहले भी इस संगठन ने जिनेवा और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख शहरों में रैलियों, सम्मेलनों और जागरूकता अभियानों के जरिए जबरन गायब किए जाने और अन्य अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया है।
बढ़ती हिंसा और बलूचिस्तान के हालात
इस बीच, हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार हिंसा से जुड़ी घटनाओं में तेजी देखी गई है। आंकड़ों के मुताबिक, देश में हिंसा से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें बलूचिस्तान को सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र बताया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर हुई कुल मौतों में से एक बड़ा हिस्सा अकेले इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जिससे वहां के नागरिकों और सुरक्षा बलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
सिएटल के इस प्रदर्शन के जरिए BNM ने अमेरिकी जनता से भी अपील की कि वे बलूचिस्तान के लोगों पर होने वाली हिंसा के खिलाफ आवाज उठाएं। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वह आगे आए और बलूच जनता के बुनियादी अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।