ब्रिटेन के पूर्व पीएम Boris Johnson की मांग, Pakistan की जेल से रिहा हो Imran Khan

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Boris Johnson ने पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेट लीजेंड Imran Khan की रिहाई की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि इमरान खान को एक बेहद छोटी और अस्वास्थ्यकर कोठरी में रखा गया है, जहां उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने ब्रिटेन की सरकार से अपील की है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके इमरान खान की रिहाई सुनिश्चित करे।
जेल की स्थिति और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं
Boris Johnson ने Daily Mail में छपने वाले अपने एक कॉलम में यह बात लिखी है। उन्होंने बताया कि इमरान खान को जिस सेल में रखा गया है, उसका आकार सिर्फ 6ft by 8ft है। इस छोटे से दायरे में ही शौचालय भी शामिल है, जिससे वहां रहना बेहद मुश्किल और अस्वच्छ हो गया है। उस जगह पर कीड़े-मकोड़े भी बहुत हैं और हवा आने के लिए कोई सही खिड़की भी नहीं है। इसके अलावा उन्हें लंबे समय तक अकेले यानी एकांत कारावास में रखा गया है।
इमरान खान को किताबें और अखबार जैसी बुनियादी चीजें भी नहीं दी जा रही हैं। उनके परिवार के लोगों को भी उनसे मिलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा उनके स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। जेल में समय पर इलाज न मिलने की वजह से उनकी दाईं आंख की रोशनी 85 percent तक कम हो चुकी है। ब्रिटेन के पूर्व पीएम का कहना है कि उनके और इमरान खान के बीच पहले राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनके साथ इस तरह का अमानवीय बर्ताव किया जाए।
अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर दुनिया भर के कई संगठनों और नेताओं ने अपनी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र UN के स्वतंत्र विशेषज्ञों ने इस गिरफ्तारी को गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने मानवाधिकारों का हवाला देते हुए तुरंत रिहा करने की बात कही है। वहीं ब्रिटेन के घरेलू मामलों में भी इस पर चर्चा हो रही है। विदेश मंत्रालय की तरफ से Baroness Chapman of Darlington ने कहा कि ब्रिटेन निष्पक्ष सुनवाई और न्याय की प्रक्रिया पर जोर देता है। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि यह मामला पूरी तरह से पाकिस्तान की कानूनी व्यवस्था के अंतर्गत आता है।
कंजर्वेटिव पियर Zac Goldsmith ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मनाक बताया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि ब्रिटेन को इन हालात को देखते हुए पाकिस्तान के साथ अपनी मदद यानी एड रिलेशनशिप पर विचार करना चाहिए। दूसरी तरफ पाकिस्तानी सरकार ने अमानवीय बर्ताव के सभी दावों को सिरे से खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि इमरान खान को नियमित रूप से मेडिकल चेकअप मिल रहा है और उन्हें घर का खाना और पीने का पानी जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
परिवार और अदालत का रुख
परिवार के सदस्यों ने सरकार के इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। इमरान खान के बेटे Kasim Khan ने September 18, 2026 को यह बयान दिया था कि वह अपने पिता की जान को लेकर काफी डरे हुए हैं। इसके अलावा उनकी बहन Uzma Khan ने भी कई बार यातना दिए जाने के आरोप लगाए हैं।
पाकिस्तान के हाई कोर्ट ने September 1, 2026 को आदेश दिया था कि अधिकारियों को एकांत कारावास खत्म करना चाहिए और इलाज की पूरी सुविधा देनी चाहिए। इसके बावजूद उनकी पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf कोर्ट में सरकार के दावों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही है। पार्टी की तरफ से रिहाई के लिए देश भर में रैलियां भी निकाली जा रही हैं।