Brent Crude Price: ब्रेंट क्रूड का भाव पहुँचा 107.63 डॉलर, मोचा बंदरगाह पर कब्जे के बाद दुनिया भर में तेल बाजार में मची हलचल.

Nura Basta11 September 20262 min read28 viewsYemen
Brent Crude Price: ब्रेंट क्रूड का भाव पहुँचा 107.63 डॉलर, मोचा बंदरगाह पर कब्जे के बाद दुनिया भर में तेल बाजार में मची हलचल.

वैश्विक तेल बाजारों में उस समय बड़ी हलचल देखने को मिली जब 10 सितंबर 2026 को ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर $107.63 प्रति बैरल पर पहुँच गईं। यमन के महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोचा पर हुती बलों के कब्जे के बाद तेल के दामों में सीधे तौर पर 6.34% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बंदरगाह दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक बाबत अल-मंदेब जलडमरूमध्य के बेहद करीब स्थित है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की आवाजाही को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

अगले दिन यानी 11 सितंबर 2026 को स्थिति तब और गंभीर हो गई जब हुती लड़ाके बाबत अल-मंदेब जलडमरूमध्य में स्थित रणनीतिक रूप से अहम द्वीप पेरिम तक पहुँच गए। हालांकि हुती नेतृत्व की तरफ से यह साफ किया गया है कि उनका यह हमला वैश्विक समुद्री यातायात को रोकने के लिए नहीं है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने खुले तौर पर नेविगेशन की स्वतंत्रता पर मंडराते खतरे को लेकर गहरी चिंता जताई है।

यमन सरकार और सऊदी गठबंधन का अगला कदम

यमन की सरकारी सेना और उनके सहयोगी सऊदी अरब समर्थित बलों ने मोचा से पीछे हटने का फैसला किया और वे जवाबी कार्रवाई की तैयारी के लिए धुबाब के पास एक नया कमांड सेंटर बना रहे हैं। सऊदी नीत गठबंधन, जो साल 2015 से इस संघर्ष में शामिल है, ने यह जानकारी दी कि सऊदी नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर हुती हमलों में तेजी आई है। इसी बात का जवाब देने के लिए सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के अलग-अलग इलाकों में कई हवाई हमले किए हैं।

इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस संघर्ष की अवधि और अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के ठिकानों पर संभावित हमलों को लेकर पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। इसके अलावा, पाकिस्तान ने भी सऊदी अरब की एक औपचारिक चेतावनी ईरान तक पहुँचाई है जिसमें तेहरान से अपने हुती सहयोगियों पर लगाम कसने की बात कही गई है। हालांकि हफ्ते के अंत में तेल की कीमतों में थोड़ा मुनाफावसूली का दौर देखा गया, लेकिन लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार बने खतरे के कारण तेल के दाम ऊंचे स्तर पर ही बने हुए हैं।

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