खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग रूट पर हमलों के बीच ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची

लंदन: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और शिपिंग रूट पर हो रहे हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। 20 अक्टूबर 2026 को तेल की कीमतें पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं और यह 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं।
ING के विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार में भू-राजनीतिक जोखिमों का डर बना हुआ है, जिससे कीमतों को सहारा मिल रहा है। समुद्री गलियारों में अस्थिरता कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
शिप-ट्रैकिंग फर्म केप्लर ने बताया कि पिछले दो हफ्तों के दौरान खाड़ी क्षेत्र में कम से कम 18 जहाजों पर हमले हुए हैं। इसके अलावा, 19 अक्टूबर से पहले के 10 दिनों में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में 15 कंटेनर जहाजों को निशाना बनाया है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने 17 और 18 अक्टूबर को भी जलडमरूमध्य के बाहर हमलों की पुष्टि की है। UKMTO ने कहा कि कई जहाज ऑपरेटर हमले की रिपोर्ट नहीं करते, जिससे इन घटनाओं की सटीक ट्रैकिंग करना मुश्किल हो रहा है।
भारत ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की है। भारत ने एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमले का जिक्र किया, जिसमें दो भारतीय नाविक लापता हो गए। साथ ही, एमटी वैल्थेरा नामक जहाज में अज्ञात मिसाइल लगने के बाद आग लग गई थी।
यूएई के एक बड़े तेल टैंकर (VLCC) के इंजन रूम में भी मिसाइल हमले के बाद आग लग गई। दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोहियों ने 19 अक्टूबर को सऊदी अरब के ऊर्जा, सैन्य और हवाईअड्डा ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है, हालांकि सऊदी अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने सुझाव दिया है कि जब तक सुरक्षा की गारंटी न मिले, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आना-जाना बंद कर देना चाहिए। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि फारस की खाड़ी से कच्चे तेल का प्रवाह युद्ध से पहले के स्तर के करीब 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है, लेकिन रिफाइंड उत्पादों की आपूर्ति अब भी काफी सीमित है।
अमेरिका प्रतिबंधित टैंकरों की बिक्री की अनुमति देने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है ताकि शिपिंग क्षमता बढ़ाई जा सके। ड्यूटश बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते की संभावना कम है।
ईरानी अधिकारियों के हवाले से मिली खबरों के मुताबिक, ईरान ने अक्टूबर की शुरुआत में अपनी हमलावर रणनीति में बदलाव किया ताकि तेल की कीमतों को प्रभावित कर अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के राजनीतिक माहौल पर असर डाला जा सके। वैश्विक शिपिंग कंपनियां इस समय रिकॉर्ड उच्च माल भाड़े और बढ़ते बीमा प्रीमियम से जूझ रही हैं।