भारत का बड़ा कदम, गल्फ रूट पर काम करने वाले नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क का प्रस्ताव.

Sushma Kumari13 September 20262 min read27 viewsExpat Issues
भारत का बड़ा कदम, गल्फ रूट पर काम करने वाले नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क का प्रस्ताव.

समंदर के रास्ते सफर करने वाले नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान एक खास 'सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क' बनाने का प्रस्ताव रखा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वैश्विक व्यापार की रीढ़ कहे जाने वाले नाविकों को संकट के समय तुरंत मदद पहुंचाना और अलग-अलग देशों के बीच तालमेल बढ़ाना है।

खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए क्यों जरूरी है यह प्रस्ताव

यह नया प्रस्ताव उन भारतीय नाविकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो मर्चेंट जहाजों, टैंकरों और कार्गो वेसल पर काम करते हैं। ये जहाज अक्सर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से गुजरते हैं। इन इलाकों में मिसाइल, ड्रोन और सुरक्षा से जुड़े खतरे लगातार बने रहते हैं, जिससे वहां काम करने वाले हमारे कामगारों की जान को हमेशा खतरा रहता है। इस प्रस्तावित नेटवर्क के जरिए ब्रिक्स देशों के समुद्री प्राधिकरण और दूतावास आपस में जुड़ेंगे, जिससे किसी भी खतरे की सूचना तुरंत मिल सकेगी और नाविकों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सकेगा।

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जुलाई 2026 के आंकड़े और सुरक्षा के कड़े निर्देश

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों की वजह से भारतीय नाविकों और कामगारों के लिए जोखिम बहुत बढ़ गया है। जुलाई 2026 में भारतीय सरकार ने संसद को जानकारी दी थी कि पश्चिम एशिया के इन संघर्षों में कुल 16 भारतीयों की जान चली गई थी, जिनमें 10 नाविक भी शामिल थे। इसके अलावा 75 अन्य लोग घायल हुए थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मरने वालों में 8 ओमान में, 4 यूएई में, 2 कुवैत में और 1-1 सऊदी अरब तथा इराक में शामिल थे। इन हादसों को देखते हुए डायरेक्टर जनरल ऑफ मैरीटाइम Administração (DGMA) ने कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी शिप मालिकों और रिक्रूटमेंट एजेंसियों को लगातार जहाजों की लोकेशन और क्रू की सुरक्षा पर नजर रखने को कहा गया है।

संकट के समय संपर्क करने के लिए आधिकारिक सरकारी नंबर

जब तक यह ब्रिक्स नेटवर्क पूरी तरह से चालू नहीं होता, तब तक भारतीय नाविक और उनके परिवार सरकारी सहायता के लिए 'ई-नाविक' (eNavik) पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के लिए सरकार ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। आप भारत में 24 घंटे काम करने वाले टोल-फ्री नंबर 1800-889-7768 पर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर +1-888-988-0256, व्हाट्सएप सहायता के लिए +91 8655856830 और ईमेल आईडी [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है। डीजी कम्युनिकेशन सेंटर से संपर्क करने के लिए +91 22 22613606 नंबर का उपयोग किया जा सकता है, साथ ही वैकल्पिक नंबर +91 8657549752 और व्हाट्सएप नंबर +91 8657549760 भी उपलब्ध हैं।

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