BRICS Summit में दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति Ramaphosa की मांग, वैश्विक न्याय और कानून पर दिया जोर.

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति Cyril Ramaphosa ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS Leaders' Summit में दुनिया भर के देशों के सामने एक बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने शनिवार, 12 सितंबर 2026 को अपने संबोधन के दौरान दुनिया भर में चल रहे संघर्षों पर खुलकर बात की और वैश्विक स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की। राष्ट्रपति रामaphosa ने अपने भाषण में फिलिस्तीन के लोगों के खिलाफ हो रहे अत्याचार, सूडान में हुए अपराधों और ईरान के खिलाफ चल रहे अवैध युद्ध का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन सभी देशों के लिए एक समान होना चाहिए, न कि चुनिंदा देशों के हिसाब से नियम तय किए जाएं।
अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र की साख पर सवाल
राष्ट्रपति रामaphosa ने यह भी याद दिलाया कि सभी राज्यों और लोगों को कानून के तहत एक जैसे अधिकार और सुरक्षा मिलने का हक है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका द्वारा International Court of Justice में उठाए गए कानूनी कदमों का हवाला दिया, जहां उनकी सरकार ने दिसंबर 2023 में इजरायल पर गाजा में नरसंहार समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया था। उन्होंने चेतावनी दी कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खुले तौर पर उल्लंघन और आपसी झगड़ों को सुलझाने के लिए बार-बार युद्ध का सहारा लेने की वजह से आज यूनाइटेड नेशंस और पूरी वैश्विक व्यवस्था की साख खतरे में पड़ चुकी है। इस सम्मेलन के दौरान जारी किए गए New Delhi Declaration में सभी BRICS नेताओं ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन की निंदा की, जिसमें आम नागरिकों पर हमले, बुनियादी ढांचे को नुकसान और मानवीय सहायता रोकने जैसी बातें शामिल थीं।
UN Security Council में सुधार की पुरजोर वकालत
घोषणापत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बिना किसी भी देश पर एकतरफा पाबंदियां लगाने का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसी कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा, राष्ट्रपति रामaphosa ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़े सुधारों की मांग की ताकि इसे और अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अफ्रीकी महाद्वीप को अभी तक इसमें स्थायी प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, जिसे बदला जाना जरूरी है। इस शिखर सम्मेलन के अंत में सभी ब्रिक्स देशों के नेताओं ने मिलकर सूडान में तुरंत और स्थाई युद्धविराम लागू करने, 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी मानते हुए एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश बनाने और संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता का समर्थन करने का एक साझा आह्वान किया। इस पूरी बैठक और आधिकारिक घोषणा के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Ministry of External Affairs की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।