BRICS शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र पर UN प्रमुख का बड़ा बयान, बहुपक्षीय सहयोग को बताया राहत भरा कदम.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुए BRICS देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाए गए घोषणापत्र का स्वागत किया है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने वाले ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह बहुत जरूरी था कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सभी देशों ने मिलकर एक साझा घोषणापत्र जारी किया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय व्यवस्था के प्रति एक मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई गई।
वैश्विक संकटों से निपटने के लिए बहुपक्षीय व्यवस्था जरूरी
UN प्रमुख ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि दुनिया के तमाम बड़े और महत्वपूर्ण देशों का यह मानना कि संकटों से निपटने का केवल एक ही रास्ता है और वह है आपसी सहयोग और संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखना, यह एक बेहद राहत देने वाली बात है। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि हालांकि इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी स्थायी सदस्य शामिल नहीं हुए थे, फिर भी वहां मौजूद बड़े देशों की उपस्थिति अपने आप में काफी ज्यादा मायने रखती है। इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin शामिल हुए थे, जो दोनों ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस पूरी बैठक की अध्यक्षता की, जबकि ब्राजील के विदेश मंत्री Mauro Vieira ने उन देशों का प्रतिनिधित्व किया जो संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों के बीच व्यापक समर्थन के साथ परिषद की स्थायी सीटों की मांग कर रहे हैं।
पश्चिमी देशों और अमेरिका का रुख रहा अलग
दूसरी तरफ, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देशों ने उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले इस सम्मेलन से दूरी बनाए रखी। ब्रिक्स समूह हमेशा से उन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पकड़ और प्रभाव को बढ़ाने की वकालत करता रहा है जिन पर ऐतिहासिक रूप से पश्चिमी देशों का दबदबा रहा है। इसके विपरीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इस तरह की सामूहिक और बहुपक्षीय व्यवस्थाओं के खिलाफ खड़ा नजर आता है। ट्रंप हमेशा से ऐसी एकतरफा नीतियों के पक्षधर रहे हैं जिससे संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों का महत्व कम हो सके। अमेरिकी प्रशासन ब्रिक्स समूह को उस वैश्विक व्यवस्था के लिए एक चुनौती के रूप में देखता है जिस पर अमेरिका का एकछत्र राज रहा है।
स्वास्थ्य और वैश्विक सहयोग पर विशेष जोर
यह 18th BRICS Summit देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसका समापन September 12 को हुआ। इस सम्मेलन के दौरान New Delhi Declaration 2026 को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया गया, जिसमें वैश्विक स्वास्थ्य पहलों को और ज्यादा आगे बढ़ाने पर अपनी सहमति जताई गई। इसमें लचीले और समावेशी उपायों के जरिए हर नागरिक तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई। घोषणापत्र में कहा गया कि हम सभी सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग को जारी रखने और अपने अच्छे अनुभवों, नई खोजों और बेहतरीन तौर-तरीकों को आपस में बांटने के महत्व को अच्छी तरह समझते हैं ताकि ब्रिक्स देशों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को सुधारा जा सके। इसके साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बनाए रखना और उसे और मजबूत करना बहुत जरूरी है, जिसमें World Health Organisation की मुख्य भूमिका को सबसे ऊपर रखा गया है।