यमन की मदद के लिए ब्रिटेन ने सऊदी अरब की भूमिका की सराहना की और सैन्य सहयोग का भरोसा दिया

लंदन: ब्रिटेन ने यमन और वहां के लोगों को सहायता देने में सऊदी अरब की अहम भूमिका की आधिकारिक तौर पर तारीफ की है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच लंदन ने रियाद के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करते हुए यह बयान जारी किया है।
ब्रिटिश सरकार ने 17 अक्टूबर 2026 तक सऊदी अरब द्वारा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दिए गए योगदान को महत्वपूर्ण बताया है। ब्रिटेन का यह रुख उसकी हालिया प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सितंबर 2026 में सऊदी अरब को सीमित सैन्य सहायता देने की घोषणा की थी। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार की रक्षा गतिविधियों को मजबूत करने के लिए एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग हेतु एक आरएएफ वॉयेजर विमान तैनात किया गया है।
दूसरी तरफ, ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) ने 17 अक्टूबर 2026 को एक विस्तृत यात्रा परामर्श जारी किया है। इसमें ब्रिटिश नागरिकों को केवल जरूरी काम होने पर ही सऊदी अरब जाने की सलाह दी गई है।
यह कदम हूती बलों द्वारा सऊदी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों में बढ़ोतरी के कारण उठाया गया है। इससे पहले 13 अक्टूबर 2026 को FCDO ने एक औपचारिक बयान जारी कर हूती विद्रोहियों से नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की अपील की थी।
ब्रिटेन ने अपने बयान में कहा कि इन लापरवाह हमलों के कारण गंभीर मानवीय संकट पैदा हो रहा है।