जेकबाबाद और नासिरबाद में यूनिवर्सिटी खोलने की मांग, BSAC ने सरकार को घेरा

बलोचिस्तान स्टूडेंट्स एक्शन कमेटी (BSAC) ने जेकबाबाद और नासिरबाद में यूनिवर्सिटी खोलने की मांग की है। संगठन ने शिक्षा सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया।

Gautam Sahu30 October 20262 min read0 viewsWorld
जेकबाबाद और नासिरबाद में यूनिवर्सिटी खोलने की मांग, BSAC ने सरकार को घेरा

बलोचिस्तान (पाकिस्तान): बलोचिस्तान स्टूडेंट्स एक्शन कमेटी (BSAC) ने बलोचिस्तान और सिंध की सरकारों से जेकबाबाद और नासिरबाद में जल्द से जल्द यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मांग की है। संगठन ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा सुविधाओं की भारी कमी का मुद्दा उठाया है।

BSAC के केंद्रीय प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। संगठन का कहना है कि बढ़ती आबादी और शिक्षा की जरूरतों के बावजूद जेकबाबाद, खासकर खान गढ़ में कोई यूनिवर्सिटी या किसी शैक्षणिक संस्थान का कैंपस नहीं है, जबकि यहां की अनुमानित जनसंख्या कम से कम दस लाख है।

कमेटी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी की जरूरत सिर्फ जेकबाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे नासिरबाद क्षेत्र में महसूस की जा रही है। इस क्षेत्र में नासिरबाद, जाफरबाद, उस्ता मोहम्मद, सोहबतपुर और झाल मगसी जैसे इलाके शामिल हैं, जहां पर्याप्त कैंपस सुविधाओं का अभाव है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

BSAC ने आरोप लगाया कि नासिरबाद में स्थापित एकमात्र कैंपस पिछले कई सालों से गंभीर प्रशासनिक और शैक्षिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। संगठन ने कहा कि साक्षरता दर सुधारने और शैक्षिक अवसरों के विस्तार के सरकारी दावे केवल कागजी बयानबाजी और सतही फैसले हैं, जिन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने की जरूरत है।

छात्र संगठन ने यह भी दावा किया कि बलोचिस्तान और अन्य बलोच बहुल इलाकों को जानबूझकर शिक्षा के अवसरों से वंचित रखा गया है। उनके अनुसार, शिक्षा तक पहुंच न होने की वजह से इस क्षेत्र का शोषण जारी है।

BSAC ने अपने 'बलोच साक्षरता अभियान' के तहत जेकबाबाद में यूनिवर्सिटी की स्थापना का पुरजोर समर्थन किया है। कमेटी ने सरकार पर जनता की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि घनी आबादी वाले इलाकों में बुनियादी उच्च शिक्षा ढांचे का अभाव है।

संगठन ने बलोचिस्तान और सिंध सरकार से आग्रह किया है कि वे क्षेत्र की आबादी की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने के लिए जेकबाबाद और नासिरबाद में यूनिवर्सिटी बनाने के ठोस कदम उठाएं।

Share:

Comments

Leave a comment