कनाडा का बड़ा कदम, मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में 10 ईरानी लोगों और कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध.

कनाडा सरकार ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर सख्त कदम उठाते हुए नए प्रतिबंधों का ऐलान किया है। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को कनाडा की विदेश मंत्री Anita Anand ने पांच ईरानी नागरिकों और पांच बड़ी कंपनियों पर रोक लगाने की घोषणा की। यह कार्रवाई स्पेशल इकोनॉमिक मेजर्स रेगुलेशन के तहत की गई है, क्योंकि ईरान सरकार लगातार अपने देश में मानवाधिकारों का हनन कर रही है और लोगों की आवाज़ को दबाने का काम कर रही है। इस नए कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।
किन लोगों और कंपनियों पर गिरी गाज
कनाडा की तरफ से जिन पांच लोगों को इस सूची में शामिल किया गया है, उनमें ईरान के इंटीरियर मिनिस्टर Eskandar Momeni, तेहरान साइबर पुलिस के प्रमुख Davoud Moazami Goudarzi, सुप्रीम काउंसिल ऑफ साइबर्ट स्पेस के सदस्य Rasoul Jalili, लॉ एनफोर्समेंट फोर्सेज के प्रोटेक्शन एंड इंटेलिजेंस संगठन के प्रमुख Mohsen Fathizadeh और वर्चुअल प्रामोशन एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस के हेड Ruhollah Momen Nasab के नाम शामिल हैं। इसके अलावा पांच कंपनियों में ईरानी ऑडियोविजुअल मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी SATRA, क्रिमिनल कंटेंट तय करने वाली वर्किंग ग्रुप कमेटी, दौरा ग्रुप, याफ्तार पाझोहन पेशताज रयानेश लिमिटेड कंपनी और सेराज साइबर्ट स्पेस ऑर्गनाइजेशन का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। इन सभी पर नागरिकों की डिजिटल निगरानी करने, सेंसरशिप लगाने, लोगों को बिना वजह गिरफ्तार करने और डराने-धमकाने का गंभीर आरोप है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लिया गया फैसला
विदेश मंत्री Anita Anand ने कहा कि कनाडा ईरानी सरकार के इन गलत और अमानवीय कामों को रोकने के लिए अपने पास मौजूद सभी संभव तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान का यह रवैया अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। यह पूरा फैसला ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र चल रहा है और दुनिया के तमाम देश मिलकर तेहरान पर लगाम कसने की कोशिश कर रहे हैं। कनाडा ने यह भी याद दिलाया कि ईरान साल 2009 से ही इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क पर रोक लगाकर वहां के लोगों की आवाज़ को दबाता आ रहा है।
अक्टूबर 2022 से अब तक 24 दौर के प्रतिबंध
कनाडा ने साफ किया कि ईरानी हुकूमत ने साल 2022 के Woman, Life, Freedom आंदोलन के दौरान और दिसंबर 2025 के बड़े विरोध प्रदर्शनों के वक्त इंटरनेट पर तीन हफ्ते तक पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी और जनता पर जुल्म ढाया था। अक्टूबर 2022 से लेकर अब तक कनाडा कुल 24 दौर के कड़े प्रतिबंध लगा चुका है। इन तमाम कार्यवाहियों के तहत अब तक कुल 237 लोगों और 265 संस्थाओं को कनाडा सरकार ने अपने ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है ताकि मानवाधिकारों की रक्षा की जा सके।